एक ऐसा घर जहां पिछले कईं दिनों से निकल रहे ज़हरीले कोबरा सांप, जानिए पूरा किस्सा

एक ऐसा घर जहां पिछले कईं दिनों से निकल रहे ज़हरीले कोबरा सांप, जानिए पूरा किस्सा

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की रौन तहसील के गांव चचाई का यह परिवार इन दिनों दशहत में है। वजह यह है कि इस परिवार के घर में रोजाना कोबरा सांप के बच्चे निकल रहे हैं। यह सिलसिला एक सप्ताह से जारी है। रात आठ बजे से लेकर सुबह तक घर के किसी ना किसी कोने से कोबरा सांप के बच्चे मिल रहे हैं। कभी घर के गेट की चौखट से तो कभी दरवाजे से भी कोबरा निकल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार राजकुमार कुशवाह के घर में आठ दिन पहले कोबरा सांप के बच्चे निकले थे। शुरुआत में परिवार के सदस्यों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, मगर फिर दूसरे और तीसरे दिन भी यह सिलसिला जारी रहा तो परिवार दहशत में आ गया। आस-पास के लोगों ने विभिन्न आशंकाएं व्यक्त की और राजकुमार को पूजा पाठ करवाने की सलाह दी।

इस पर राजकुमार ने अपने घर में पूजा पाठ करवाया, मगर कोबरा सांप के बच्चे निकलने का सिलसिला नहीं थमा। कुशवाह परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पूरी रात जागते हुए ही गुजार रहे हैं। प्रतिदिन कभी 8 तो कभी 20-20 बच्चे एक रात में पकड़ रहे हैं। वहीं एक रात में तो 50 से अधिक सांप के बच्चों को पकड़ा था।

ग्राम पंचायत चचाई के सचिव पुनीत शर्मा कहते हैं कि सांप के बच्चों का निकलना काफी खतरनाक बात है। मौका मुआयना करने के बाद ही इस मामले में कुछ बताया जा सकता है। पीड़ित परिवार की परेशानी से प्रशासन को अवगत कराया जाएगा और हर संभव मदद की जाएगी।

गोरखपुर के गांव में निकले 200 से अधिक सांप:

इधर, पिछले दिनों गोरखपुर के एक गांव में 200 से अधिक सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सांपों को ग्रामीणों ने दहशत में आकर मारने के बाद दफना दिया। इन सांपों में अधिकतर पानी वाले करैत सांप थे। इसके अलावा धामिन, गेहुंअन और कोबरा भी थे। गांवों में सांपों के निकलने की सूचना के बाद फारेस्‍ट विभाग की टीम ने ढाई से तीन फीट जमीन के नीचे दफनाए गए सांपों को परीक्षण के लिए कब्‍जे में ले लिया।

खोराबार थाना क्षेत्र के आराजी बसडीला गांव में सोमवार को भगदड़ मच गई। बड़ी संख्या में सांपों को देखकर गांव वाले सकते में आ गए। कुछ ही देर में इकट्ठा हुए लोगों ने सांपों को मार डाला। बताया जा रहा है कि गांव के राजमंगल का एक पुराना मकान खेत में है, जो बंद रहता है। सांप वहीं से निकलकर बाहर आने लगे। गांव के प्रधान सुरेन्‍द्र मोहन ने बताया कि वहां पर बच्‍चे खेल रहे थे। वहां पर चूहे का बिल मिला, जिसमें उन बच्‍चों की खेलने वाली गोली चली गई। गोली निकालने के लिए बच्‍चों ने उस बिल में पानी डाल दिया, जिसके बाद एक-एक कर छोटे बड़े सांप निकलने लगे और गांववालों की घर की ओर तेजी से बढ़ने लगे।

डर के मारे गांववालों ने सांपों को मारकर अपनी सुरक्षा के लिए दफना दिया। डीएफओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि सांप निकलने की सूचना के बाद आराजी बसडीला गांव पहुंचे डीएफओ आशुतोष कुमार ने बताया कि गांव में साप निकलने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों ने सांप को डर के मारे मारकर दफना दिया था। उसे गड्ढा खोदकर निकाला गया और परीक्षण के लिए कब्‍जे में ले लिया गया है।

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