गैरसैंण में फटा बादल, मलबे में दबीं चार गोशाला

गैरसैंण में फटा बादल, मलबे में दबीं चार गोशाला

देहरादून। उत्तर भारत में हो रही बारिश का ख़ौफ़नाक चेहरा उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है। राज्य के पहाड़ी इलाकों में बादल कहर बरपा रहे हैं। मंगलवार तड़के उत्तराखंड के गैरसैंण में बादल फटा गया। जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित गांव में आ गया। गैरसैंण तहसील के पत्थरकटा गांव में आज तड़के चाड़ गधेरे (बरसाती नासा) में बादल फटने से चार गोशाला मलबे में दब गई हैं। सम्पर्क पुलिया व प्राथमिक विद्यालय का किचन तथा फरस्वाण गांव की पेयजल लाइन बह गई है। कुछ आवासीय मकानों में मलबा भर गया है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिनभर और मंगलवार रात को भारी बारिश के कारण पत्थरकटा गांव में आज सुबह चार बजे चार गोशाला मलबे में दब गईं। गैरसैंण के रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश पल्लव ने बताया कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और वहां बादल फटा है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
वहीं रुद्रप्रयाग जनपद में देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। यहां तिलवाड़ा-मरडीगाड़ मोटर मार्ग पर बरसाती नाले में उफान आने से रास्ता बंद हो गया है। यहां कुछ वाहन मलबे में फंस गए हैं। चमोली जिले में देर रात से हो रही भारी बारिश सुबह भी जारी है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद है। उत्तरकाशी जनपद के गंगोत्री, यमुनोत्री धाम तथा समस्त तहसील क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। लेकिन स्थिति सामान्य है। यहां सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात हेतु सुचारू हैं।

कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर लोल्टी और थराली में मलबा आ गया है। जिससे मार्ग बंद पड़ा है। वहीं पिंडर घाटी में लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। अलकनंदा घाटी में सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। सिमली में आटागाड़ पुल के पास मलबा आने से कुछ देर वाहनों की आवाजाही बंद रही। मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया गया।

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