पुलिस के चालान से बचने को बुज़ुर्ग को जंगल में उतारा, उसके बाद जो हुआ जानकर रह जाएंगे हैरान

पुलिस के चालान से बचने को बुज़ुर्ग को जंगल में उतारा, उसके बाद जो हुआ जानकर रह जाएंगे हैरान

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाइक पर ट्रिपल सवारी की कार्रवाई के दौरान होने वाले चालान से बचने के चक्कर में एक शख्स ने कुछ ऐसा कदम उठाया जिस वजह से उसे बाद में बहुत पछताना पड़ा। इस घटना में एक बुजुर्ग को अपनी ज़िंदगी से हाथ धोना पड़ा।

आपको बता दें कि देहरादून के सीमावर्ती आशा रोड़ी चेकपोस्ट पर तड़के चेकिंग को देखते हुए दामाद ने बुजुर्ग ससुर को पैदल आगे मिलने की बात कही, लेकिन बुजुर्ग जंगल में रास्ता भटक गए। सुबह मिले तो तबियत खराब होने के कारण कुछ देर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

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पटेलनगर के लोहिया नगर निवासी तौहीद मंगलवार तड़के तीन बजे अपनी पत्नी और ससुर नसीम के साथ मोटरसाइकिल पर देहरादून से सहारनपुर जा रहे थे। आशा रोड़ी चौकी पर चेकिंग को देखते हुए उसने अपने ससुर नसीम को वन विभाग की चौकी से पहले उतार दिया और जंगल के रास्ते भेजकर चौकी से आगे मिलने को कहा।

उसके बाद तोहीद पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से आशा रोड़ी चौकी से आगे पहुंच गया। काफी देर इंतजार के बाद जब ससुर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू की। जिसके बाद थक-हारकर उन्होंने थाना क्लेमेनटाउन पुलिस को इस घटना की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ बुजुर्ग की तलाश में जंगल में कॉबिंग की लेकिन, रात में उनका कहीं पता नहीं चला।

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डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि गुमशुदा नसीम के परिजनों ने बुधवार दोपहर बताया कि सुबह 10:30 बजे नसीम उन्हें जंगल में भटकते मिल गए थे। नसीम ने उनसे पीने के लिए पानी मांगा। कुछ समय बाद उनकी तबियत खराब हुई और मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि नसीम लंबे समय से दिल की बीमारी से ग्रसित भी थे। प्रथम दृष्टया बीमारी के चलते मौत होना प्रतीत हो रहा है।

डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस किसी की दुश्मन नहीं है। यातायात नियमों का पालन कराने के पीछे मकसद आप सब की सुरक्षा है। नियमों का पालन कर हादसों को टाला जा सकता है। लोग पुलिस से डरकर इस तरह का कोई कदम न उठाएं, जिससे इस तरह की अनहोनी की पुनरावृत्ति हो।

 

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