BREAKING: जेल परिसर से फरार हुआ कैदी, प्रशासन में मचा हड़कंप

BREAKING: जेल परिसर से फरार हुआ कैदी, प्रशासन में मचा हड़कंप

रुड़की। आज सुबह करीब नौ बजे एक और बंदी जेल परिसर से फरार हो गया। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही सीने में दर्द का बहाना बनाकर आरोपी हवालात से फरार हो गया था। आज सुबह बंदी शाहरुख पुत्र मुर्सलीन निवासी टांडा भनेड़ा मंगलौर के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक आज सुबह जेल परिसर में 15 अगस्त की तैयारी को लेकर सफाई चल रही थी। उसी समय उक्त बंदी फरार हो गया। सीविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने हाल ही में दहेज के एक मामले में शाहरुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब दो घंटे बाद जेल प्रशासन ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को इस मामले की सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस जेल परिसर पहुंच गई है।
अभी कुछ दिन पहले ही चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया रईस सीने में दर्द का बहाना बनाकर हवालात खुलवाई और कोतवाली में पुलिसकर्मी को चकमा देकर फरार हो गया था। जिसने पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही चोरी के मामले में जमानत तुड़वाकर लक्सर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव तेलीवाला निवासी रईस पुत्र नसीम को पुलिस ने पाड़ली गुर्जर के पास को चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रईस के खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया था। साथ ही उसे हवालात में बंद कर दिया था। पिछले गुरुवार को सुबह रईस ने कोतवाली में एक पुलिसकर्मी से सीने में तेज दर्ज होने की बात कही। इस पर पुलिसकर्मी ने उसे हवालात का दरवाजा खोलकर बाहर बैठा दिया। इस बीच आरोपी चकमा देकर कोतवाली से फरार हो गया था।
अभी दो माह पहले रुड़की सिविल अस्पताल से एक आरोपी भी फरार हुआ था। उसने भी जेल में बंद रहते हुए अपने सीने में दर्द होने की शिकायत की थी। जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां आरोपी हथकड़ी खोलकर फरार हो गया था। हालांकि, पुलिस ने आरोपी को कुछ समय बाद ही गिरफ्तार कर लिया था।

कलियर के रहमतपुर निवासी कादर पुत्र हैदर अली को कलियर पुलिस ने चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 25 मई को आरोपी को रुड़की जेल भेज दिया था। तभी से बंदी रुड़की जेल में ही बंद था। 28 मई को कादर ने सीने में दर्द की शिकायत की जानकारी जेल प्रशासन को दी थी। इस पर जेल प्रशासन ने उसे रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। तभी से बंदी का सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा था।

बंदी की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन ने दो जेल कर्मचारी और दो पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई थी। 31 मई को करीब सवा दो बजे सुरक्षा में तैनात चारों जवान आपस में बातचीत कर रहे थे। इस बीच बंदी ने जवानों की नजर बचते ही हाथ में पड़ी हथकड़ी किसी तरह ढीली कर ली और मौका पाते हुए अस्पताल से फरार हो गया।

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