लॉस एंजिलिस में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस, लगा रहीं मदद की गुहार

लॉस एंजिलिस में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस, लगा रहीं मदद की गुहार

मुंबई। कोरोनावायरस महामारी के बीच ‘रांची डायरीज (2017)’ और ‘मेरठिया गैंगस्टर्स (2015)’ जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस सौंदर्या शर्मा लॉस एंजिलिस में फंसी हैं। वे वहां पढ़ाई करने गई थीं। कोरोना वायरस के चलते कॉलेज बंद हो गए हैं। साथ ही ऑनलाइन क्लासेस भी रोक दी गई हैं। सौंदर्या ने जब वापस भारत लौटने की कोशिश की तो 3 बार उनकी फ्लाइट भी कैंसल हो गई, जिसका उन्हें रिफंड तक नहीं मिला। देश के एक नामी अखबार से खास बातचीत में सौंदर्या ने अपनी परेशानियां साझा की।

दुकानों में रोजमर्रा का सामान तक नहीं

सौंदर्य ने बताया, “घरेलू सामान लाने सुबह जल्दी निकलती हूं, लेकिन शॉप्स कुछ मील दूर हैं। वे भी ज्यादातर खाली हैं। यहां तक कि आलू, नमक, दाल जैसा रोजमर्रा का सामान भी उपलब्ध नहीं हैं। सुरक्षा के लिए मेरे पास एक मास्क तक नहीं है। क्योंकि यह आउट ऑफ स्टॉक है और ऑनलाइन भी उपलब्ध नहीं है। मैंने टॉयलेट पेपर और सैनिटाइटर तक के लिए लोगों को लड़ते देखा है। यात्रा प्रतिबंधों के कारण मैं घर वापस नहीं आ सकती। पहले ही मेरी तीन उड़ानें बिना रिफंड रद्द कर दी गई हैं। मेरे माता-पिता मेरे लिए बेहद चिंतित हैं और मैं भी काफी परेशान हूं।”

वापसी की हर कोशिश विफल
सौंदर्या कहती हैं, “मैने इंडियन एंबेसी को कॉल किया। मेल भी भेजे। यह जानने की कोशिश की कि क्या इंडियंस को इवैक्यूएट किया जा रहा है। लेकिन उनकी ओर से आया उत्तर बिल्कुल पॉजिटिव नहीं था। इस अनजान देश में अकेली फंसी हूं। घर आने में असमर्थ हूं और कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही।”

खुद को आइसोलेशन में रखा है
खुद को पॉजिटिव और सुरक्षित रखने के लिए क्या कर रही हैं? इस सवाल के जवाब में सौंदर्या ने कहा, “मैंने खुद को घर में ही आइसोलेशन में रखा है। जब तक बहुत जरूरत न हो, तब तक मैं घर से बाहर नहीं निकलती। घर में ही योगा करती हूं, ताकि फिटनेस के साथ कोई कॉम्प्रोमाइज न हो। मैं शाकाहारी हूं तो खाना भी घर में ही बनाती हूं।”

खुद को व्यस्त रखने के लिए सीख रहीं स्पेनिश

बकौल सौंदर्या, “खुद को व्यस्त रखने के लिए मैं ऑनलाइन स्पेनिश सीख रहीं हूं। साथ ही इस खाली वक्त में एक प्ले भी लिख रही हूं। कुछ वेब सीरीज जैसे ‘ ‘लॉक्ड अप’ , ‘क्वीन ऑफ द फ्लो’ , ‘द रीडर’, देखकर अपना मन बहला रही हूं। रोज हनुमान चालीसा और दुर्गा चालीसा सुनकर जल्दी ही अपने वतन लौटने की प्रार्थना कर रही हूं। लता जी का गाना ‘ तू बिन बताए ‘ अक्सर सुनती हूं।”

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