ताऊ से कहूंगी गुजरात जैसी व्यवस्था करें: दमयंती

ताऊ से कहूंगी गुजरात जैसी व्यवस्था करें: दमयंती

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम का दर्द शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की भतीजी दमयंती बेन को झेलना पड़ा। सिविल लाइंस इलाके में गुजराती भवन गेट के ठीक सामने उनका पर्स झपट बदमाश स्कूटी से फरार हो गए। वारदात के बाद दमयंती मोदी ने भास्कर कोबताया कि दिल्ली आने से पहले सुना था कि यहां में क्राइम बहुत है। लेकिन मेरे साथ ऐसी घटना हो जाएगी, ऐसा सोचा भी नहीं था।

उन्होंने कहा- ‘‘गुजरात के मुकाबले दिल्ली में क्राइम ज्यादा है। मैं ताऊ से कहूंगी कि यहां भी गुजरात जैसी कानून-व्यवस्था लागू करें। दिल्ली में महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने मेरी पूरी मदद की। जबकि पुलिस को नहीं पता था कि मैं पीएम की भतीजी हूं। गुजराती समाज भवन में आने वाला हर कोई वीवीआईपी नहीं होता है। हम लोग एक सामान्य आदमी की तरह ही गुजराती समाज भवन में 6 घंटे रुकने आए थे।’’

दमयंती के पिता प्रह्ललाद मोदी ने कहा कि हम सामान्य जीवन जीते हैं और कानून से चलते हैं। इस मामले को प्रधानमंत्री से बताने की जरूरत नहीं है, हो सके तो कानून तेजी से अपना काम करें। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चूंकि हाईप्रोफाइल मामला है तोपुलिस भारी दबाव में है।

दिल्ली में इस साल 15 सितंबर तक 4,516 झपटमारी की वारदातें हुईं। जिनमें बदमाशों ने पर्स, मोबाइल व बैग झपट लिए। हालांकि, आधे से ज्यादा केस पुलिस ने सुलझा भी लिए। पिछले साल झपटमारी का यही ग्राफ इस समय तक 4,707 केस पर अटका हुआ था, तब पुलिस ने करीब पचास फीसदी मामले सुलझा लेने का दावा किया था। महिलाएं झपटमारी के लिए सबसे सॉफ्ट टारगेट हैं।

पुलिस जांच में पता चला है एक आरोपी सदर बाजार इलाके का रहने वाला है, जबकि दूसरा सुल्तानपुरी एरिया में किराए के मकान में रहता है। झपटमारी की वारदात करने के बाद आरोपी पहाड़गंज के मुल्तानी ढांडा इलाके में गए थे।

गौरतलब है कि 18 अगस्त की शाम मंडी हाउस इलाके में फिक्की ऑडिटोरियम के नजदीक बाइकर्स ने सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता की पत्नी अपर्णा को ही निशाना बना डाला। बदमाश उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। बेहद हाईप्रोफाइल केस में पुलिस की जांच जारी है लेकिन पीड़िता का मोबाइल अभी चालू नहीं हो सका है।

वहीं 8 मार्च की शाम जनकपुरी एरिया में प्ले स्कूल चलाने वाली शोभा कंवर (53) मोबाइल पर बात कर रही थीं, तभी बाइक पर आए दो लोगों ने उनके हाथ में टंगे पर्स को झपटने की कोशिश की। शोभा ने विरोध किया और पर्स नहीं दिया। बारह फीट दूर घसीटती चली गई। आखिर में लुटेरे पर्स लेकर फरार होने में कामयाब रहे।

Share