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उत्तराखंड में बनेंगे 50 रोप-वे, पहले इन छह परियोजनाओं पर होगा काम

उत्तराखंड में लगभग 50 रोप-वे प्रस्तावित हैं, जिनमें से छह को प्राथमिकता दी गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोप-वे निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब प्रोजेक्ट्स का कार्य आवंटित कर दिया गया है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर प्रोजेक्ट में कैंचीधाम को भी शामिल किया गया है।

देहरादून। उत्तराखंड में लगभग 50 रोप-वे प्रस्तावित हैं। जिनमें से कुल छह प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में रोप-वे विकास के लिए गठित संचालन समिति की बैठक में यह कहा गया। इसमें रोप-वे निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रोप-वे विकास समिति की प्रथम बोर्ड बैठक इस माह के अंत तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाए। इस समिति के लिए सचिव पर्यटन, सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने नेशनल हाइवे लाजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड को एसपीवी का सीईओ एक सप्ताह के भीतर नियुक्त करने के निर्देश दिए, ताकि दिसंबर माह के अंत तक प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में बनने वाले सभी रोप-वे प्रस्तावों को इस समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, ताकि अलग-अलग एजेंसी द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स में डुप्लीकेसी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि रोप-वे के सभी बड़े प्रोजेक्ट्स बनने से अगले पांच-दस सालों में स्थानीय स्तर पर पर्यटक स्थलों के विकास, मार्गों के विस्तार का रोडमैप भी तैयार कर लिया जाए।

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जिन छह प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है। इसमें सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब प्रोजेक्ट्स का कार्य आवंटित कर दिया गया है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल) अनुमोदन के चरण में है। बताया गया कि कनकचौरी से कार्तिक स्वामी तक रोप-वे की डीपीआर तैयार की जा रही है। रैथल बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) और जोशीमठ-औली-गौरसों रोप-वे की डीपीआर के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्य सचिव ने कहा कि शुरूआत में इन छह प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए। उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ एवं गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोप-वे प्रोजेक्ट्स की प्रत्येक स्टेज की टाइमलाइन तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाएं। निर्माण के लिए हैवी मशीनरी निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए सड़कों का टर्निंग रेडियस बढ़ाएं एवं पुलों काे मजबूत करें। मुख्य सचिव ने काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर प्रोजेक्ट में कैंचीधाम को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैंचीधाम के लिए लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वहां रोप-वे प्रोजेक्ट की संभावनाओं को तलाश किया जाए।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डा. पंकज पांडेय, धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव अभिषेक रूहेला समेत एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन उपस्थित थे।

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