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प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर घिरे दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी ने कही ये बात

सूत्रों के मुताबिक रविवार को पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम के दौरान जब उनकी मुलाकात दिग्विजय सिंह से हुई तो राहुल गांधी ने मजाकिया लहजे में दिग्विजय सिंह को कहा- आप अपना काम कर गए। आप बदमाशी कर गए।

नई दिल्ली। कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले बीजेपी और आरएसएस की संगठन शक्ति की तारीफ कर पार्टी के लिए असहज हालात पैदा कर दिया। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई भी दी और कहा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस की नीतियों के धुर विरोधी हैं। लेकिन तब तक पार्टी के अंदरूनी हालात काफी असहज हो चुके थे। सूत्रों के मुताबिक रविवार को पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम के दौरान जब राहुल गांधी की मुलाकात दिग्विजय सिंह से हुई तो उन्होंने मजाकिया लहजे में दिग्विजय सिंह को कहा-‘आप अपना काम कर गए। आप बदमाशी कर गए।

दिग्विजय मामले में रेवंत रेड्डी की एंट्री

उधर, तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता रेवंत रेड्डी की भी इस मामले में एंट्री हुई। उन्होंने दिग्विजय सिंह का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों पलटवार किया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1991 में पीवी नरसिम्हा राव और 2004 और 2009 में डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर बहुत अच्छा फैसला लिया था। रेड्डी के इस बयान को दिग्विजय सिंह की पोस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने  कार्य समिति की बैठक के दौरान भी पार्टी संगठन में विक्रेंद्रीकरण की पैरवी की। सूत्रों ने यह भी बताया कि दिग्विजय को कुछ सीनियर नेताओं ने टोका और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी टोकते हुए यह कहा कि अभी और नेताओं को बोलना है। कार्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर शेयर की जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

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दिग्विजय  सिंह ने पोस्ट किया, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’ उनके इस पोस्ट के बाद विवाद खड़ा हो गया।

दिग्विजय ने क्या सफाई दी?

इसके बाद दिग्विजय सिंह ने सफाई दी। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, ‘‘मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं RSS और मोदी जी का घोर विरोधी था, घोर विरोधी हूं और रहूंगा।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कार्य समिति की बैठक में विकेंद्रीकरण की पैरवी की है, सिंह ने कहा, ‘‘मुझे जो कहना था, वो मैंने बैठक के दौरान कह दिया।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना, बुरी बात है।’’

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर आप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष के तौर पर मेरे कार्यकाल को देखेंगे तो पाएंगे कि मैंने विकेंद्रीकृत तरीके से काम किया। यह मेरा विचार है।’’ कार्य समिति की बैठक से पहले और बैठक के दौरान दिग्विजय का यह रुख कांग्रेस नेताओं को असहज करने वाला था। बैठक के बाद जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया तो पत्रकारों के सवाल नहीं लिए।

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