गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डालनवाला में आयोजित हुआ “एक शाम राष्ट्र के नाम” कार्यक्रम
वक्ताओं का ये भी कहना था कि हमें अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निर्वहन करना है। संस्थाएं संगठन नौकरशाही पर नियंत्रण रखकर इसे विकास की जगह विनाश का सबब बने अनैतिक कार्यों से रोक सकते हैं।

देहरादून। हम भारत के लोग संविधान की प्रस्तावना के इन शब्दों में सरकार, नौकरशाही, जनप्रतिनिधियों के साथ सर्वोपरि इस देश के आम नागरिक हैं जो अब अंग्रेजों के गुलाम नहीं हैं। हम सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे, एकजुटता और देशप्रेम की भावनाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्यों के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों का भी निर्वाह कर रहा है। ये विचार 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डालनवाला में आयोजित “एक शाम राष्ट्र के नाम” कार्यक्रम में संगठन अध्यक्ष ब्रिगेडियर केजी बहल ने व्यक्त किए।
वक्ताओं की आम धारणा थी की संविधान मे नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने तथा इसमें वैचारिक अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की आजादी के साथ अवसर और प्रतिष्ठा की समानता सुनिश्चित किए जाने के संकल्प उल्लेखनीय हैं लेकिन असलियत में ये अधूरे साबित हुए हैं।
वक्ताओं का ये भी कहना था कि हमें अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निर्वहन करना है। संस्थाएं संगठन नौकरशाही पर नियंत्रण रखकर इसे विकास की जगह विनाश का सबब बने अनैतिक कार्यों से रोक सकते हैं।
वक्ताओं का ये भी निष्कर्ष था की सामाजिक संस्थाएँ गणतंत्र की रीढ़ हैं। नौकरशाही में जवाबदेही और निगरानी, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने समेत शिक्षा, स्वास्थ्य, मानवाधिकार जैसे विषयों पर जागरूक संगठन अपनी भूमिका का निर्वाह करते हुए परिवार, शिक्षा और धर्मार्थ कार्यों में भी जुटे है।
कार्यक्रम में वेस्ट वारियर्स संस्था के नवीन सडाना ने सहभागियों को राष्ट्रीय शपथ भी दिलाई। अंत में सहभागियों ने संगठन अध्यक्ष बहल को इनकी अथक सेवाओं के लिए अंगवस्त्र उड़ाकर गौरा देवी का चित्र भेंट करते हुए सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में डॉक्टर एस फारुख, राज कुमार बक्षी, रविंद्र दत्त सेमवाल, तिलक राज शर्मा, गिरीश चंद्र भट्ट, नवीन सदाना, डॉ. राकेश डंगवाल, सुशील त्यागी, डॉ. दिनेश सक्सेना, राज कुमार दक्ष, सत्य प्रकाश चौहान, प्रकाश नागिया, मेजर एमएस रावत, दिनेश भंडारी, डॉक्टर स्वामी एस चंद्रा, ठाकुर शेर सिंह, सुशील त्यागी, मुकेश नारायण शर्मा, एडवोकेट प्रियंका रानी, हेमलता, अवधेश शर्मा ताराचंद गुप्ता, खुशबीर सिंह आदि शामिल थे।




