प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों को लेकर समाजसेवी भावना पांडे ने प्रकट किया रोष
राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा, धामी सरकार के चार साल बेमिसाल के नारे को लेकर इन दिनों काफी शोर मचाया जा रहा है किंतु चार साल का वक़्त बीत जाने के बावजूद सरकार को इन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, राज्य आंदोलनकारी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी भावना पांडे ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों को लेकर रोष प्रकट किया है। उन्होंने सड़कों की दुर्दशा के लिए राज्य सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।
समाजसेवी भावना पांडे ने कहा, बरसात आते ही सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। आज प्रदेश की अधिकांश सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन गहरे गड्ढों की चपेट में आकर रोजाना ही राहगीर चोटिल हो रहे हैं। वहीं कुछ लोग बड़े हादसों के शिकार भी बन रहे हैं किंतु सरकार के पास इस समस्या के समाधान का कोई इंतजाम नहीं है।
उत्तराखंड की बेटी भावना पांडे ने कहा कि यदि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की ही बात की जाए तो यहां अधिकांश सड़कें खुदी हुई व बरसात के पानी में डूबी हुई नजर आ रही हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह-जगह हुई सड़कों की खुदाई के बाद इनकी सही तरह से मरम्मत नहीं की गई फलस्वरूप ये सड़कें अब कीचड़नुमा दलदल में बदल चुकी हैं। देहरादून की बदहाल सड़कों की वजह से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और जब राजधानी देहरादून का ही ये हाल है, तो पूरे प्रदेश की सड़कों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा, धामी सरकार के चार साल बेमिसाल के नारे को लेकर इन दिनों काफी शोर मचाया जा रहा है किंतु चार साल का वक़्त बीत जाने के बावजूद सरकार को इन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। आज उत्तराखंड की सच्चाई प्रशासन के दावों से बिल्कुल अलग है, सड़कों पर कीचड़ है, मलबा हैं और गहरे गड्ढे हैं। देहरादून की चंचक रोड और कारगी क्षेत्र जैसी कईं सड़कें इसका उदाहरण हैं। टूटी हुई सड़कों की वजह से जनता बेहाल है। सरकार जवाब दे, आखिर इस हालात का कौन जिम्मेदार है?




