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150 शोज से घर-घर में हुई मशहूर, अब भीख मांग कर करती हैं गुजारा

टीवी और फिल्मों में काम कर के घर-घर में मशहूर हुई एक्ट्रेस ने अपनी जिंदगी एक झटके में बदल डाली। ये हसीना सब कुछ छोड़कर अब संन्यासी वाला जीवन बिता रही है। अपना पेट पालने के लिए ये भीख मांग कर गुजारा करती हैं। जानें इनके बारे में।

Latest Bollywood News: मनोरंजन जगत में नाम और पहचान बनाना आसान नहीं होता। इसके लिए कड़ी मेहनत, लंबा संघर्ष और गहरी लगन की जरूरत होती है। बहुत से कलाकारों ने सालों तक मेहनत कर इंडस्ट्री में जगह बनाई, लेकिन कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने शोहरत और सफलता मिलने के बाद भी इस चकाचौंध को छोड़ दिया। ऐसी ही एक शख्सियत हैं टीवी और फिल्म एक्ट्रेस नुपुर अलंकार, जिन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहकर आध्यात्म की राह पकड़ ली। सालों तक पर्दे पर नजर आने वाली एक्ट्रेस ने अचानक ही सब कुछ छोड़ने का फैसला ले लिया और तय किया कि वो अब अलग जीवन गुजारेंगी। अब नुपुर अपना जीवन एक साध्वी की तरह गुजारती हैं और उनकी रहन-सहन भी पूरी तरह बदल चुका है।

एक्टिंग को कहा अलविदा, अपनाया संन्यास

करीब 157 टीवी शोज में काम कर चुकीं नुपुर अलंकार ने 2022 में एक्टिंग छोड़ने का फैसला लिया और पूरी तरह से संन्यासी जीवन अपना लिया। उन्होंने बताया कि वह हमेशा से आध्यात्म की ओर आकर्षित थीं और यह बदलाव उनके लिए किसी प्राकृतिक प्रक्रिया जैसा रहा। गुरु शंभू शरण झा के मार्गदर्शन में उन्होंने संन्यास लिया और अब न वे छोटे पर्दे पर नजर आती हैं, न ही किसी सामाजिक कार्यक्रम में।

बदल डाली जिंदगी

एक इंटरव्यू में नुपुर ने कहा, ‘मेरा झुकाव हमेशा से अध्यात्म की ओर था और मैं लंबे समय से इसका पालन कर रही थी। अब मैंने खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया है।’ उन्होंने आगे यह भी कहा कि अब उन्हें एक्टिंग की दुनिया की कोई कमी महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘अब मेरी जिंदगी में किसी तरह के ड्रामा के लिए कोई जगह नहीं है। यह इंडस्ट्री दिखावे और बनावटीपन से भरी हुई है। अब मैं इससे दूर रहकर सच्ची शांति महसूस करती हूं।’

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मां के निधन ने बदली सोच

नुपुर ने बताया कि मां के निधन ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया और उसी समय उन्हें अहसास हुआ कि अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा। उन्होंने कहा, ‘जब मेरी मां का निधन हुआ, तब मुझे एक तरह की आजादी महसूस हुई, उम्मीदों और जिम्मेदारियों से आज़ादी। तभी मैंने तय कर लिया कि अब मैं अपना जीवन प्रभु को समर्पित कर दूंगी।’ उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने यह फैसला थोड़ी देर से लिया, क्योंकि उनके बहनोई कौशल अग्रवाल उस समय अफगानिस्तान में फंसे हुए थे, जब तालिबान ने वहां कब्जा कर लिया था।

जी रहीं संन्यासी जीवन

अब नुपुर अलंकार का जीवन पूरी तरह साधना में बीत रहा है। वे भिक्षा मांगकर भोजन करती हैं, जमीन पर सोती हैं और दिन में केवल एक बार खाना खाती हैं। जहां पहले वे शोबिज की दुनिया में लोकप्रियता और सफलता की चिंता में डूबी रहती थीं, वहीं अब उन्हें शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। नुपुर के इस जीवन निर्णय का उनके पति अलंकार श्रीवास्तव ने भी सम्मान किया। उन्होंने उन्हें शादी के बंधन से मुक्त कर दिया ताकि वे अपने संन्यास के रास्ते पर बिना किसी बंधन के आगे बढ़ सकें।

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