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महान स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की जयंती पर उन्हें सादर नमन : डॉ. अभिनव कपूर

जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय भूमिका निभाने वाली महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेविका, कवयित्री एवं उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू जी का जन्म आज ही के दिन यानी की 13 फरवरी को हुआ था।

देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सेविका सरोजिनी नायडू की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सादर नमन किया।

इस अवसर पर जारी अपने संदेश में शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- देश की महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सेविका सरोजिनी नायडू जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं समस्त देशवासियों को ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं।

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जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय भूमिका निभाने वाली महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेविका, कवयित्री एवं उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू जी का जन्म आज ही के दिन यानी की 13 फरवरी को हुआ था। वह एक बेहतरीन कवियत्री और उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल थीं। सरोजिनी नायडू हमेशा महिला अधिकारों के लिए अपनी आवाज को बुलंद करती रहीं।

डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि सरोजिनी नायडू जी की जयंती के मौके पर ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ भी मनाया जाता है। सरोजिनी नायडू के भाषण, सशक्त आवाज और कविता सुनाने के अंदाज से महात्मा गांधी काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे। इसी कारण महात्मा गांधी ने सरोजिनी नायडू को ‘देश की नाइटिंगेल’ का खिताब दिया था। इसके अलावा वह स्वतंत्रता आंदोलन में भी काफी सक्रिय रहीं।

उन्होंने कहा कि साल 1928 में देश में प्लेग महामारी तेजी से फैली थी। इस दौरान सरोजिनी नायडू ने अपनी जान की परवाह किए बिना जागरुकता फैलाने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों की सेवा की। उस दौरान उनके समर्पण और जुनून को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने उनको ‘कैसर-ए-हिंद’ की उपाधि दी थी।

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