Breaking NewsLifeNational

Sawan Purnima: जानिए इस बार कब है सावन पूर्णिमा? इस दिन क्या करना चाहिए दान

सावन अपने समापन की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही सावन समाप्त हो जाएगा। सावन समापन के दिन ही सावन पूर्णिमा पर्व भी मनाया जाएगा।

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। हर माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर व्रत और पूजा के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन सावन माह की पूर्णिमा का अलग ही महत्व है। यह माह भगवान शिव को समर्पित है, ऐसे में पूर्णिमा तिथि की मान्यता अधिक हो जाती है। हिंदू शास्त्रों की मानें तो इस तिथि पर किए गए व्रत, जप, स्नान और दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। पवित्र नदियों में स्नान कर शिवजी का पूजन करने से पापों को नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। आइए जानते हैं कब है सावन पूर्णिमा?

कब है सावन पूर्णिमा?

सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस बार 9 अगस्त को पड़ रही है। इसी के साथ ही सावन माह का भी समापन हो जाएगा। ऐसे में इस दिन विशेष रूप से दान का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि कुछ विशिष्ट वस्तुओं का दान करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जातक को मनवांछित फल भी मिलता है। दान देने से आध्यात्म का लाभ तो मिलता ही है साथ की घर में समृद्धि और सकारात्मक एनर्जी भी वास करती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या दान करना चाहिए?

दीपदान

सावन पूर्णिमा के दिन शिव मंदिर में दीप जरूर जलाएं। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मानसिक तनाव दूर करते हैं। साथ ही कर्ज से भी मुक्ति मिलती है।

अन्न और धन दान

सावन पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों में अन्न, धन का दान बेहद शुभ माना गया है। ऐसे में दान करने से व्यक्ति को अपार पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान शिव की विशेष कृपा भी मिलती है। इससे जातक के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है।

Advertisements
Ad 23

तिल का दान

इस दिन जातक को तिल दान भी करना चाहिए। तिल को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। ऐसे में इसके दान से पितृ दोष कम होता है। साथ ही जातक की आर्थिक परेशानी भी दूर हो जाती है।

गुड़ का दान

सावन पूर्णिमा के दिन गरीब में गुड़ का दान जरूर करें। शास्त्रों में कहा गया है कि गुड़ के दान से जीवन में कठिनाईंयां कम होती हैं और व्यक्ति के रास्ते से सभी प्रकार के बाधा दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हम इसकी सत्यता का प्रमाण नहीं देते हैं।)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button