संयुक्त नागरिक संगठन ने की लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की मांग
राजधानी में संदर्भित जन समस्याओं के निराकरण के लिए शासन के सभी प्रमुख सचिवों, सचिव, परियोजना निदेशक, शहरी विकास एजेंसियों को निर्माण कार्यों के बाद तत्काल पुनर्निर्माण व जनहित में सुरक्षात्मक उपबंध को लागू करने हेतु कठोर निर्देश जारी किया जाए।

देहरादून। सार्वजनिक निर्माण कार्य स्थलों पर सुरक्षा मानकों की लापरवाही के लिए दोषी ठेकेदारों के टेंडर निरस्त किए जाने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कठोर कदम उठाने की संयुक्त नागरिक संगठन ने की मांग।
संयुक्त नागरिक संगठन ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव आवास, जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में दून स्मार्ट सिटी लिमिटेड, जल संस्थान, यूपीसीएल, पिटकुल, पेयजल व नगर निगम आदि कार्यदाई संस्थाओं द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को फील्ड वर्क की दैनिक निगरानी व समीक्षात्मक सप्ताहवर बैठक जिलाधिकारियों के साथ करने हेतु निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया गया है।
पत्र में लिखा गया है कि राजधानी की सड़कों पर विभागीय कार्मिकों और ठेकेदारों की लापरवाही से आम जनता मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न की शिकार है। सड़कों पर उठते हुए धुएं के गुब्बार जन स्वास्थ्य को खतरा पहुंचा रहे हैं। खुदाई के दौरान बैरीकेडिंग, संकेतक, रात्रि कालीन रिफ्लेक्टर नहीं हैं। सड़कों पर खराब गुणवत्ता से डामर उखड़ रहा है, घटिया निर्माण और सड़क पर बिखरी रेत बजरी दुपहिया वाहनों के लिए भी खतरा बनी है। निर्माण कार्यों के बाद सड़कों पर ही मालवा छोड़ दिया गया है। स्पष्ट रूप से यह संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का प्रमाण है।
इसके लिए राजधानी में संदर्भित जन समस्याओं के निराकरण के लिए शासन के सभी प्रमुख सचिवों, सचिव, परियोजना निदेशक, शहरी विकास एजेंसियों को निर्माण कार्यों के बाद तत्काल पुनर्निर्माण व जनहित में सुरक्षात्मक उपबंध को लागू करने हेतु कठोर निर्देश जारी किया जाए। निर्देशों के अनुपालन हेतु दैनिक मॉनेटरी व्यवस्था और समीक्षा व्यवस्था लागू कर विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लापरवाह अधिकारियों व अभियंताओं को दुर्गम क्षेत्र में ट्रांसफर किया जाए। कृत कार्रवाई की सूचना सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्राप्त करने की भी आशा संगठन द्वारा की गई है।




