संयुक्त नागरिक संगठन ने की माल्टे का समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलो घोषित करने की माँग
पत्र में मांग की गई है कि राज्य के उत्पादकों के हित में इसके उत्पादन, विपणन और संवर्धन मूल्य को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम तत्काल उठाए जाएं तथा तत्काल माल्टे का सरकारी समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलो घोषित किया जाए।

देहरादून। उत्तराखंड में माल्टा मिशन की शुरुआत, सरकार द्वारा माल्टे का समर्थन मूल्य ₹40 प्रति किलो घोषित किए जाने की मांग संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को लिखे गए मांग पत्र में की गई। मांगपत्र में राज्य के पहाड़ी क्षेत्र के मूल निवासियों द्वारा उत्पादित माल्टा, नारंगी व नींबू जैसे फलों के उत्पादक उत्तराखण्डियों के हित में, विगत वर्षों में सरकारी तंत्र द्वारा,कोई प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
कहा गया है कि सरकारें आई और चली गई, मंत्री आए और संत्री बन गए लेकिन इस ओर बेरुखी के कारण इसका आर्थिक खामियाजा मूल निवासी कृषकों को उठाना पड़ा है।विगत वित्तीय वर्ष में माल्टे का समर्थन मूल्य 10 रुपये प्रति किलो घोषित करने को हास्यास्पद बताया गया।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकारी उपेक्षा से व्यथित दून की धाद संस्था ने बिना सरकारी सहायता के अपने ही सामूहिक प्रयास से इस वर्ष खुद माल्टा की खरीद सीधे किसानों से प्रारंभ करते हुए इसे दिल्ली तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर वहां 60 रुपये प्रति किलो तक इसको विक्रय करने में सफलता प्राप्त की।
पत्र के अंत में मांग की गई है कि राज्य के उत्पादकों के हित में इसके उत्पादन, विपणन और संवर्धन मूल्य को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम तत्काल उठाए जाएं तथा तत्काल माल्टे का सरकारी समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलो घोषित किया जाए।




