इस युवा खिलाड़ी के भविष्य को लेकर सामने आया दिग्गज क्रिकेटर का बड़ा बयान, कही ये बात
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कमाल कर रहे हैं। इस सीजन वैभव 400 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस बीच एबी डीविलियर्स का वैभव को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।

IPL 2026: मात्र 15 साल की उम्र में IPL में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर सनसनी मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब दिग्गजों की राय भी आने लगी है। साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने वैभव की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि T20 से आगे का सफर उनके लिए आसान नहीं होगा। डिविलियर्स का मानना है कि असली चुनौती तब शुरू होगी जब यह युवा खिलाड़ी टेस्ट और ODI क्रिकेट में खुद को साबित करने उतरेगा।
वैभव की असली परीक्षा बाकी
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी निडर बल्लेबाजी से हर किसी का ध्यान खींचा है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों पर पावरप्ले में आक्रामक अंदाज में रन बरसाए और दबाव की स्थिति में भी बेखौफ बल्लेबाजी जारी रखी। यही वजह है कि वह इस सीजन के सबसे बड़े उभरते सितारों में गिने जा रहे हैं। हालांकि, एबी डिविलियर्स को लगता है कि वैभव की असली परीक्षा अभी बाकी है। फॉर द लव ऑफ क्रिकेट पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए डिविलियर्स ने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन अविश्वसनीय है, लेकिन लंबे फॉर्मेट में खेलना मानसिक और शारीरिक रूप से बिल्कुल अलग चुनौती पेश करेगा।
डिविलियर्स ने कहा कि उन्हें सच में नहीं पता कि वह आगे कैसे टिकेगा। उसकी उम्र में ऐसा खेलना अविश्वसनीय है। हम सभी जानते हैं कि उसमें प्रतिभा कूट-कूटकर भरी है, लेकिन वह उसे टेस्ट क्रिकेट में देखना चाहते हैं। उसे अभी अंदाजा नहीं है कि आगे कितनी चीजें बदलने वाली हैं।
आगे आने वाली हैं कई बड़ी चुनौती
पूर्व साउथ अफ्रीकी कप्तान का मानना है कि अगर वैभव सिर्फ T20 क्रिकेट पर ध्यान दें, तो उनका करियर बेहद लंबा और सफल हो सकता है। लेकिन अगर वह ODI और टेस्ट क्रिकेट में खुद को आजमाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें क्रिकेट के एक बिल्कुल अलग पहलू का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई अच्छा मैनेजर उसे समझाए कि तुम पूरी जिंदगी T20 स्पेशलिस्ट बने रहो, तो उन्हें कोई शक नहीं कि उसका करियर शानदार रहेगा। लेकिन अगर वह ODI और टेस्ट क्रिकेट की तरफ बढ़ता है, तो मानसिक और शारीरिक रूप से उसे नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
डिविलियर्स ने यह भी साफ किया कि लंबे फॉर्मेट में सफलता सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं मिलती। वहां धैर्य, तकनीक और लगातार मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि क्या उसमें हर चुनौती से पार पाने की प्रतिभा है? बिल्कुल है। लेकिन यह सफर आसान नहीं होगा। यह एक कठिन और उतार-चढ़ाव भरा रास्ता होगा। इसके बावजूद डिविलियर्स ने उम्मीद जताई कि वैभव आगे चलकर अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट जरूर खेलेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस युवा बल्लेबाज का रेड-बॉल क्रिकेट का सफर देखना पसंद करेंगे।




