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गंगोलीहाट पहुंचे राज्यपाल, मां हाट कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल ने कहा कि लगभग चार दशकों तक भारतीय सेना में सेवा के दौरान उनका कुमाऊं रेजीमेंट से गहरा जुड़ाव रहा है और “जय मां कालिका” का उद्घोष सदैव सैनिकों के मनोबल एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का स्रोत रहा है।

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) मुनस्यारी से गंगोलीहाट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध मां हाट कालिका मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए क्षेत्र के विकास, पर्यटन संभावनाओं एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने मां हाट कालिका मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से भी भेंट कर मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा उनका सुव्यवस्थित विकास न केवल आस्था के केंद्रों को सुदृढ़ करता है, बल्कि पर्यटन संवर्धन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक भारतीय सेना में सेवा के दौरान उनका कुमाऊं रेजीमेंट से गहरा जुड़ाव रहा है और “जय मां कालिका” का उद्घोष सदैव सैनिकों के मनोबल एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का स्रोत रहा है।

उन्होंने कहा कि मां कालिका की कृपा और आशीर्वाद से भारतीय सैनिकों ने राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अद्वितीय योगदान दिया है। आज मां के दरबार में उपस्थित होकर उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आत्मिक शांति का अनुभव हो रहा है।

राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ जनपद आज पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो जनपद की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक शक्ति, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत विश्वभर के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

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