“संयुक्त नागरिक संगठन” द्वारा आयोजित किया गया “भारत के देशभक्त” समारोह
इस आयोजन में शामिल होने आए अधिकतर प्रतिनिधयों के विचार थे कि मौजूदा समय पर व्यवस्थाओं में बढ़ता भ्रष्टाचार, स्वार्थ, धन कुबेर बनने की लिप्सा देश को खोखला कर रही है। इससे आमजन कुंठाओं में जीने को मजबूर है।

देहरादून। आजादी हमें भीख में नहीं मिली थी इसके लिए क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए। अंग्रेजों ने लाखों आंदोलकारियों को मौत की नींद में सुला दिया। आजाद हिंद फौज के हजारों योद्धा इस जंग में शहीद हुए। स्वतंत्रता संग्राम में लाखों सेनानियों को कैद और काला पानी की सजाये हुई। आजादी के योद्धाओं का बलिदान आज के राजनीतिज्ञों की संवेदनाओं को झझकोरने का वो पाठ है जहां चरित्र, ईमानदारी, नैतिकता, आदर्श, त्याग सब बेमानी है। ये विचार उन देशभक्तों के थे।
आजादी की 79 वीं वर्षगांठ की पूर्व बेला एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मास्टर करतारसिंह की 26 वीं पुण्यतिथि पर “संयुक्त नागरिक संगठन” द्वारा “भारत के देशभक्त” समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजन व कई बुद्धिजीवियों ने अपनी प्रतिभाग किया।

इस आयोजन में शामिल होने आए अधिकतर प्रतिनिधयों के विचार थे कि मौजूदा समय पर व्यवस्थाओं में बढ़ता भ्रष्टाचार, स्वार्थ, धन कुबेर बनने की लिप्सा देश को खोखला कर रही है। इससे आमजन कुंठाओं में जीने को मजबूर है। संविधान में दी गई जिम्मेदारी का एहसास आज की युवा पीढ़ी को नहीं है। हम लाखों चिकित्सक, इंजीनियर प्रशासनिक अधिकारी तो पैदा कर रहे हैं, लेकिन देशभक्त नहीं जो निस्वार्थ भाव से देशसेवा को समर्पित हो सके। इनका ये भी कहना था कि राजनीतिक चरित्र और व्यवस्थाओं में पूर्ण बदलाव आज समय की मांग है।
समारोह में मुख्यातिथि डाo एसoफारूख, ब्रीo केoजी बहल, पद्यश्री कल्याण सिंह रावत, पद्मश्री डाoबीo केo संजय, लैoकर्नल बीoएमo थापा ने दीप प्रज्वलित कर, दिवंगत सेनानियों कों पुष्पांजलि अर्पित करते हुए देश के स्वतंत्रता सेनानियों पर गर्व व्यक्त किया।
कहा हमे इनपर गर्व है। इन्होंने कहा सामाजिक संस्थाओं से सम्बद्ध जनहितों के लिए समर्पित समाजसेवी जो पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सफाई, वृक्षारोपण, जरूरतमंद गरीब बच्चों, दिव्यांगों, अशक्त बच्चों के स्वास्थ्य शिक्षा नैतिक संस्कार जैसे विषयों समेत रक्तदान, देहदान, नेत्रदान आदि अभियानों में समर्पित है। वो आज देशभक्त कहलाने के पात्र हैं और इन संस्थाओं पर हमें गर्व है।

प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले देशभक्तों में रघुनाथ सिंह नेगी, रमा गोयल,रवि सिंह नेगी, आशा डोभाल, अनीता नेगी, डॉ बृजमोहन शर्मा, नरेश चंद्र कुलाश्री, स्वामी एस चंद्रा, पद्यश्री कल्याण सिंह रावत, गजेंद्र सिंह रमोला, नवीन सदाना, प्रगति सदाना, देवेंद्र पाल मोंटी, आशु डॉक्टर मिली कौर, जगमोहन मेंदीरत्ता, संजय गर्ग, मनोज ध्यानी, गुलशन बाहरी, सम्मानित होने वालों में रघुनाथ सिंह नेगी, रमा गोयल, रवि सिंह नेगी, आशा डोभाल, अनीता नेगी, डॉ बृजमोहन शर्मा, नरेश चंद्र कुलाश्री, स्वामी एस चंद्रा, पद्यश्री कल्याण सिंह रावत, गजेंद्र सिंह रमोला, नवीन सदाना, प्रगति सदाना, देवेंद्र पाल मोंटी, आशु डॉक्टर मिली कौर,बजगमोहन मेंदीरत्ता, संजय गर्ग, मनोज ध्यानी, गुलशन बाहरी, सिटीजन फॉर क्लीन दून, भारती भंडारी, ममता भंडारी, मीनू देवी, संजू देवी, सृष्टि फाउंडेशन, डा. महावीर बर्थवाल, मैड, मोहन सिंह खत्री, क्लीन एंड ग्रीन एनवायरमेंट सोसाइटी, आरिफ खान, रविंद्र जुगरान, पदम सिंह थापा, जगदीश बावला, सुलोचना भट्ट, दिनेश भंडारी, प्रदीप कुकरेती, विनोद नौटियाल, शेयरिंग लुडिंग, मुकेश नारायण शर्मा, गिरीश चंद्र भट्ट, मेजर एमएस रावत, राजीव खनसाली, एसपी चौहान, अवधेश शर्मा, उमेश्वर सिंह रावत, एस एस गोसाई, पद्मेंद्र बर्त्वाल, खुशवीर सिंह, डॉ राकेश डंगवाल, प्रतिभा पाठक, शांति प्रसाद नौटियाल आदि शामिल थे।




