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जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल को अन्यत्र स्थानांतरित न किए जाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

इस ज्ञापन में कहा गया है कि जिलाधिकारी IAS सविन बंसल ने सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने और भ्रष्टाचार मुक्त ईमानदार प्रशासन देते हुए असहाय, जरूरतमंद, पीड़ितों की यथा संभव सहायता कर "प्रधानमंत्री मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास संकल्प" के साथ अपने दायित्वो का निर्वाह कर अतुलनीय प्रयास किया है।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के ईमानदार, लोकप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल को सामाजिक संस्थाओं के अनुरोध पर अन्यत्र स्थानांतरित न किए जाने को लेकर संयुक्त नागरिक संगठन ने सचिवालय में मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन इनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

इस ज्ञापन में कहा गया है कि जिलाधिकारी IAS सविन बंसल ने सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने और भ्रष्टाचार मुक्त ईमानदार प्रशासन देते हुए असहाय, जरूरतमंद, पीड़ितों की यथा संभव सहायता कर “प्रधानमंत्री मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास संकल्प” के साथ अपने दायित्वो का निर्वाह कर अतुलनीय प्रयास किया है। राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं को बेहतरीन ढंग से लागू करने में प्राप्त सफलताओं के लिए इनको सामाजिक संगठनों ने अनेकों बार सम्मानित भी किया है।

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ज्ञापन में लिखा गया है कि दून की सामाजिक संस्थाओं जिनमें जागरूक नागरिक सेवा मंच, स्वतंत्रता सेनानी वंशज गुरुपा, पंजाब एंड सिंध बैंक सेवानिवृत अधिकारी एसोसिएशन, संयुक्त नागरिक संगठन, भारतीय पेंशनर परिषद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति, आर. टी.आई क्लब, सीव्यू सेवा ट्रस्ट, दून ट्रैफिक जागरूकता अभियान, पहाड़ी सभा, मैं हूं सेवादार, त्यागी सभा, दून सिटीजन काउंसिल, अ.भा.उपभोक्ता समिति, समाधान, मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन, गौ गंगा गांव गायत्री जी4 संगठन, सेवानिवृत प्रधानाचार्य संगठन, पूर्व सैनिक परिषद, नियोविजन, नत्थनपुर समन्वय समिति, समानता मंच, महावीर सेवा समिति संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित जागरूक समाजसेवियों, चिकित्सकों, पर्यावरण प्रेमी भी शामिल हैं।

ज्ञापन में बंसल को ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, न्यायप्रिय, देशभक्त, देवतुल्य, प्रेरणास्रोत, जनाकांक्षाओं के प्रतीक, विनम्र, जनहितों को समर्पित, शानदार व्यक्तित्व, संवेदनशील प्रशासक, कर्मठ, सुशासन के प्रहरी, लोकप्रिय, आमजन के दुखों का सहारा, जुझारू, निष्पक्ष कार्यप्रणाली, सरकार प्रशासन के बीच सेतु, आदर्शवान, नैतिकता से युक्त इंसान बताया है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं की मांग को अनैतिक, पूर्वाग्रह से प्रेरित, जनहित के विरुद्ध भी करार दिया है।

ज्ञापन देने वाले में गिरीश चंद्र भट्ट, प्रदीप कुकरेती, सुलोचना भट्ट, राधा तिवारी, सत्य प्रकाश चौहान, उमेश्वर सिंह रावत, मोहन सिंह खत्री शामिल थे।

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