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उत्तराखंड में जमकर बरसे बादल, तापमान में अचानक आई गिरावट

बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में भी अचानक गिरावट आई। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। लगातार बारिश के चलते दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए और लोग ठिठुरन महसूस करते रहे। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक रहा।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले दो दिन की लगातार बारिश ने सितंबर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। लगातार बारिश से तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई और देहरादून में ठंड ने सितंबर के पिछले दस साल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। न्यूनतम तापमान गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं दिन के तापमान में भी करीब नौ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम में आई इस अचानक ठंडक ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया। बीते शनिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रविवार देर रात तक बारिश का दौर जारी रहा। इससे वातावरण में ठंडक बढ़ती चली गई। शाम होते-होते ठंड का अहसास और ज्यादा बढ़ गया। सामान्य तौर पर सितंबर के आखिरी सप्ताह में जहां दिन में गर्मी और उमस महसूस होती है, वहीं इस बार मौसम का मिजाज इसके बिल्कुल उलट नजर आया। इस साल भी सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी हुई थी तो गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू किए थे।

दिन में भी छाई रही ठंड, नौ डिग्री गिरा पारा

बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में भी अचानक गिरावट आई। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। लगातार बारिश के चलते दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए और लोग ठिठुरन महसूस करते रहे। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो दून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री गिरावट के साथ 21.1 डिग्री रहा। रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री गिरावट के साथ 18.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बीते दस वर्षों के आंकड़ों की बात करें तो सितंबर में कभी भी न्यूनतम पारा इतने नीचे दर्ज नहीं किया गया। साल 1982 में 22 सितंबर को न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री दर्ज किया गया था यह अब तक का ऑल टाइम रिकॉर्ड है।

जलभराव ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की भी परीक्षा ली। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह नालियां और नाले ओवरफ्लो होने से सड़क किनारे पानी भर गया। बारिश के दौरान यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई। लगातार बारिश और जलभराव के कारण पैदल चलने वालों को भी मुश्किलें उठानी पड़ीं।

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गर्म कपड़े और छाते फिर निकले

अचानक बदले मौसम का असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोग छाते और रेनकोट लेकर घरों से निकले, जबकि सुबह और शाम की ठंड से बचने के लिए कई लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। सितंबर के अंत में बदले मौसम ने लोगों को अक्तूबर-नवंबर की ठंड का अहसास करा दिया।

24 घंटे खूब बरसे बादल

प्रदेश भर में 24 घंटों में मेघ जमकर बरसे। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में 69.7 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से 3592 फीसदी अधिक है। सबसे अधिक बारिश चमोली जिले में हुई। यहां 84.2 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश से 6920 फीसदी ज्यादा है। जबकि देहरादून में भी 27.4 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से 757 फीसदी अधिक है।

सोमवार को पहाड़ों पर हल्की बारिश के आसार

दो दिन से लगातार हो रही बारिश से सोमवार को राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। उत्तरकाशी और देहरादून जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों की बात करें तो आने वाले दिनों की बात करें तो इस सप्ताह भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।

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