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राजस्थान में भारी बारिश से तबाही, टोंक में घरों में घुसा पानी, बारां में बहीं भैंसें

मौसम विभाग ने राजस्थान के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे कई इलाकों में जलभराव के हालात बन रहे हैं।

जयपुर। राजस्थान में भारी बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बारां में भैंसें बह गईं। वहीं, टोंक में एसडीआरएफ ने बकरियों को सुरक्षित बचा लिया। टोंक के कई घरों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है। बूंदी में शनिवार दोपहर सेना की मदद लेनी पड़ी और लगभग 500 लोगों को बचाकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया।

 

बारां में भैंसें बहीं

बारां जिले में हो रही तेज बरसात के बाद नदी नाले उफान पर हैं। कई सड़के और पुल जलमग्न हो चुके हैं। कई रपटों पर तेज बहाव से पानी बह रहा है। शाहाबाद के सिरसा नदी पुलिया से तेज बहाव में भैंसों के बहने का वीडियो सामने आया है। तेज बहाव में नदी की पुलिया पार कर रही पांच भैंसें आधे रास्ते में आने के बाद पानी के बहाव में फंस गईं। दो भैंस बह गईं, लेकिन तीन भैंसों ने पुलिया पार कर ली।

 

टोंक में कई घरों में पानी भरा

मूसलाधार बारिश के चलते टोंक में कई कालोनियों में पानी भर गया है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं, पीपलू में पानी के तेज बहाव में बाइक सवार शिक्षक बह गया। हालांकि, शिक्षक को बचा लिया गया, लेकिन बाइक पानी में बह गई। वहीं, निवाई का वनस्थली गांव पूरी तरह से टापू बन गया है। गांव में करीब पांच से छह फीट पानी घरों में भर गया। सूचना पर जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक राजेश मीना और उपखंड अधिकारी हुकमीचंद रोलानिया ने शहर का दौरा किया वहीं निवाई मौके पर हालात का जायजा लिया। वनस्थली गांव में 100 से ज्यादा लोग पानी में फंसे गए एसडीआरएफ सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया है।

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भारी बारिश से दो लोगों की मौत

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। इससे कई शहरों में निचले इलाकों में पानी भर गया तथा सड़क और रेल संपर्क बाधित हुआ है। जलभराव के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया कि कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति है।  सबसे अधिक प्रभावित जिलों में कोटा, सवाई माधोपुर, बूंदी व टोंक शामिल हैं। बूंदी में अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बूंदी में शनिवार को बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह जाने से 50 वर्षीय कैलाशीबाई की मौत हो गई। पुलिस ने बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। बूंदी के एक खेत में टिन शेड की दीवार गिरने से 65 वर्षीय मनभर बाई की मौत हो गई। इंदरगढ़ थाने के वृत्ताधिकारी रामलाल ने बताया कि महिला टिन शेड के नीचे अकेली सो रही थी।

200 लोगों को SDRF ने बचाया

टोंक के निवाई में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। बनस्थली गांव पानी में डूब चुका है। देवधाम जोधपुरिया से ट्रोले में बैठकर निवाई लौट रहे 200 लोगों को रेस्क्यू किया गया। सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू कर सभी को बचाया। इन लोगों का ट्रोला पानी के तेज बहाव में फंस गया था।

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