Breaking NewsLifeNational
Vastu Tips: वास्तु के ये 7 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, जानें क्या करें
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार, रसोई, पूजा स्थल और सोने की दिशा से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। जानिए घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

घर का माहौल बेहतर और शांत बनाए रखने के लिए साफ-सफाई के साथ-साथ घर की व्यवस्था पर ध्यान देना भी जरूरी है। भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र के नियमों को घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर की दिशा अनुसार चीजें रखने और कुछ नियमों का पालन करने से वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। यहां जानें वास्तु के ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में।
वास्तु के ये नियम बदल सकते हैं घर का माहौल
- वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस जगह को साफ-सुथरा और खुला रखें। यहां भारी अलमारी, कबाड़ या जूते-चप्पल रखने से बचें। इस दिशा में पूजा घर बनाना शुभ होता है।
- घर के मुख्य द्वार को साफ और व्यवस्थित रखें। प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ जैसे मांगलिक चिह्न बनाना शुभ होता है। दरवाजे पर तोरण या बंदनवार लगाने की भी परंपरा है।
- वास्तु में रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण को उपयुक्त माना जाता है। खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखें। चूल्हे और सिंक को एकदम पास रखने से बचें।
- तिजोरी को दक्षिण या पश्चिम दिशा में इस तरह रखें कि उसका दरवाजा खुलने पर उत्तर की ओर हो। उत्तर दिशा को भगवान कुबेर से जोड़कर देखा जाता है।
- घर में दर्पण लगाने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार को उपयुक्त माना जाता है। बेडरूम में शीशा इस तरह लगाने से बचें कि उसमें सोते समय शरीर का प्रतिबिंब दिखाई दे।
- सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर रोशनी रखें। इस समय कपूर या लोबान जलाना शुभ माना जाता है।
- सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ होता है। उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचें। वहीं, बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद उसका दरवाजा बंद रखें और जगह को साफ-सुथरा बनाए रखें। वास्तु मान्यताओं में बाथरूम में कांच की कटोरी में सेंधा नमक रखने की सलाह दी जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हम एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देते हैं।)




