Breaking NewsNational

कहां और कितने अरब रुपये में बनेगा माता सीता का मंदिर, कितना होगा क्षेत्र? जानिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम में मां जानकी मंदिर के पुनर्विकास की आधारशिला रखी है। आइए जानते हैं कि मंदिर के निर्माण में कितनी लागत आएगी।

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी में शुक्रवार को पुनौरा धाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास के शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने मंदिर के भूमि पूजन में भाग लिया और मंदिर की आधारशिला रख दी है। पुनौरा धाम मां सीता की जन्मस्थली है और यहीं पर पुनौरा धाम मंदिर एवं परिसर के समग्र विकास की वृहद योजना का भूमिपूजन किया गया है। आइए जानते हैं कि इस मंदिर का निर्माण कितने क्षेत्र में होगा और इस मंदिर और इसके परिसर के निर्माण में लागत कितनी आएगी।

मां जानकी मंदिर कितने क्षेत्र में होगा?

जानकारी के मुताबिक, सीतामढ़ी जिले में पुनौरा धाम में मां जानकी के मंदिर के लिए पहले से 17 एकड़ उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा 50 एकड़ जमीन अलग से उपलब्ध कराई गई है। यानी माता सीता का मंदिर और इसका परिसर कुल 67 एकड़ में होगा और यहां सभी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सीता मंदिर निर्माण में कितनी लागत आएगी?

Advertisements
Ad 23

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल ने बीते 1 जुलाई को पुनौरा धाम मंदिर परिसर के विकास के लिए 882.87 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। इस राशि में से 137 करोड़ रुपये पुराने मंदिर और उसके परिसर के विकास पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, 728 करोड़ रुपये पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा, 16 करोड़ रुपये 10 वर्षों तक व्यापक रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मंदिर का विकास 890 करोड़ रुपए की लागत से होगा। इसमें से 728 करोड़ रूपया परिक्रमा पथ और अन्य सरचनाओं पर खर्च होगा।

सीतामढ़ी में कहां होगा मां सीता का मंदिर?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी में पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास की आधारशिला रखी है। उन्होंने मंदिर के पुनर्विकास के लिए भूमि पूजन किया। आपको बता दें कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री (घरेलू और विदेशी) पुनौराधाम आते हैं। पुनौरा धाम बिहार के सीतामढ़ी जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- “मैं मिथिलांचल के लोगों से कह रहा हूं कि यह सिर्फ मंदिर नहीं है बल्कि मिथिलांचल और बिहार का भाग्योदय की शुरुआत है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button