Breaking NewsNational

कहां से आया हिन्दी शब्द, जानिए ये बेहद दिलचस्प किस्सा

Hindi Diwas 2025: आज हिंदी दिवस के मौके पर जानेंगे कि कैसे सिंधु नदी के किनारे बसे लोगों को हिंदू कहा जाने लगा। इस तरह, उनके द्वारा बोली जाने वाली भाषा को हिंदी कही गई।

Hindi Diwas 2025: सदियों पहले की ये बात है। भारत के उत्तर में एक विशाल नदी बहती थी, जिसका नाम सिंधु था। इसी नदी के किनारों पर एक महान सभ्यता यानी तहज़ीब फल-फूल रही थी, जिसे सिंधु सभ्यता के नाम से जाना गया। ये सभ्यता लगभग 5000 साल पहले विकसित हुई थी। यह दुनिया की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक है। यहां दूर देशों से व्यापारी और यात्री आते-जाते रहते थे।

सिंधु नदी को देखा, तो…

इन्हीं यात्रियों में एक दिन कुछ फारसी लोग आए। उनकी भाषा में एक खास बात ये थी कि वे ‘स’ का उच्चारण ‘ह’ करते थे। जब उन्होंने सिंधु नदी को देखा, तो वे उसे ‘हिंदू’ कहने लगे। नदी के नाम से ही उस पूरे क्षेत्र को उन्होंने ‘हिंदुस्तान’ नाम दिया, जिसका मतलब था ‘हिंदू लोगों का स्थान’।

Advertisements
Ad 23

वहां के लोग काफी मिलनसार मिजाज के थे। जब फारसी लोगों ने सिंधु घाटी के लोगों बातचीत की, तो उन्हें पता चला कि वे एक मधुर और सरल भाषा बोलते हैं। फारसी लोगों ने सोचा, “यह लोग हिंदू हैं, तो इनकी भाषा भी ‘हिंदी’ ही होनी चाहिए।”

हिंदुस्तान नाम से मिली नई पहचान

इस तरह, एक नदी के नाम से पूरे देश को हिंदुस्तान नाम से पहचाना जाने लगा। ऐसे में यह एक यात्रा जो सिंधु से शुरू हुई और हिंदुस्तान और हिंदी तक पहुंची। वहीं, भारत को भारत, इंडिया और हिंदुस्तान के नाम से विश्व के देश जानते हैं, लेकिन हमारी सीमा के नजदीक वाले देशों ने हमारा पुराना नाम यानी हिंदुस्तान अपने दैनिक प्रयोग में जारी रखा। पारसी, यहूदी, ग्रीक इन देशों ने भी सदा ही सिंधु यानी हिंदू के तौर पर ही पुकारा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button