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घर खरीदते वक्त न करें ये गलती, हमेशा फायदे में रहेंगे

रियल एस्टेट किसी व्यक्ति द्वारा अपने जीवनकाल में लिए जाने वाले सबसे बड़े निवेश निर्णयों में से एक है, फिर भी लोग जल्दबाजी कर देते हैं।

घर खरीदने में युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। पिछले कई सालों के डेटा पर नजर डालें तो सबसे अधिक प्रॉपर्टी डील युवाओं द्वारा की गई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु समेत तमाम शहरों में युवाओं द्वारा घर की जबरदस्त खरीद की जा रही है। रियल एस्टेट में युवाओं का निवेश तेजी से बढ़ने के पीछे कई वजह है। इनमें नौकरी लगने के साथ अच्छी सैलरी और रियल एस्टेट मार्केट में स्थिरिता अहम है। इंडियन प्रॉपर्टी मार्केट ने लगातार बेहतर एप्रिसिएशन दिया है। हालांकि, युवाओं के साथ प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान फर्जीवाड़े के कई मामले भी सामने आए हैं। उल्लेखनीय है कि घर खरीदना किसी व्यक्ति का सबसे बड़ा वित्तीय फैसला होता है। इसलिए पहली बार घर खरीदने वालों युवओं को खास ख्याल रखने की जरूरत है। अगर आप भी एक युवा हैं तो प्रॉपर्टी खरीदने से पहले किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, आइए जानते हैं।

घर खरीदने से पहले युवा अपने अंदर ये स्किल डेवलप करें 

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  • बजट सेट करना: घर खरीदने से पहले बजट सेट करें। मंथली नेट इनकम का 30% से ज्यादा हाउसिंग लोन में खर्च न करें।
  • लोकेशन रिसर्च: ऐसे इलाकों की तलाश करें जहां मेट्रो, मॉल या कमर्शियल प्रोजेक्ट का विकास हो रहा हो।
  • एजेंट की मदद: भरोसेमंद रियल एस्टेट एजेंट अच्छे डील दिला सकते हैं।
  • फिजिकल इंस्पेक्शन: घर की लोकेशन, निर्माण गुणवत्ता और लीगल स्टेटस की जांच करें।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर का हाल: रोड/रेल कनेक्टिविटी, स्कूल, अस्पताल, मार्केट और एंटरटेनमेंट हब की नजदीकी देखें।
  • लीगल नॉलेज: RERA नियमों को समझें, स्टेट-लेवल बदलाव जानें और RERA पोर्टल पर जाकर डेवलपर की विश्वसनीयता चेक करें।

सपनों का घर खरीदने में इन बातों को न करें नजरअंदाज 

रियल एस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट का कहना है कि युवाओं को फ्लैट खरीदते समय सबसे पहले अपनी वित्तीय स्थिति और मौजूदा इनकम का आकलन करना चाहिए। अक्सर लोग होम लोन की ईएमआई केवल मौजूदा वेतन के हिसाब से तय कर लेते हैं, लेकिन भविष्य में नौकरी बदलने, आय घटने या खर्च बढ़ने का आकलन करना भूल जाते हैं। इससे बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा केवल बिल्डर के ब्रोशर या मॉडल फ्लैट देखकर बुकिंग का फैसला नहीं करना चाहिए। RERA रजिस्ट्रेशन, जमीन का टाइटल, अप्रूव्ड मैप और बिल्डर का पिछला रिकॉर्ड जरूर चेक करना चाहिए। अगर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन स्टेज में है, तो पजेशन टाइमलाइन और पेनल्टी क्लॉज भी चेक करें। इसके अलावा का प्रोजेक्ट का लोकेशन और मिलने वाली सुविधाओं को पता करें। एक जो सबसे महत्वपूर्ण बात कि युवाओं को अपने मंथली इनकम का 35–40% से ज्यादा होम लोन ईएमआई का बोझ नहीं करना चाहिए। घर खरीदना भावनात्मक फैसला होता है, लेकिन इसे हमेशा लॉन्ग-टर्म निवेश की तरह देखें। सही रिसर्च, कानूनी जांच और फाइनेंशियल प्लानिंग से ही आप अपने सपनों का घर खरीदने में सुरक्षित और फायदे में रहेंगे।

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