Breaking NewsLifeNational

वृंदावन में भी है वैष्णो देवी का मंदिर, काफी रोचक है इतिहास

Vaishno Devi Temple In ​​Vrindavan: क्या आप भी माता रानी के भक्त हैं? अगर हां, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वृंदावन में भी वैष्णो देवी का मंदिर है।

वृंदावन में पांच हजार से ज्यादा मंदिर हैं। लेकिन अगर आपको ऐसा लगता है कि वृंदावन में सिर्फ राधा-कृष्ण के मंदिर ही हैं, तो आपको अपनी इस गलतफहमी को जल्द से जल्द दूर कर लेना चाहिए। क्या आप जानते हैं कि वृंदावन में वैष्णो देवी का मंदिर भी स्थित है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वृंदावन में स्थित वैष्णो देवी धाम में नवरात्रि के दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है। आइए इस मंदिर के इतिहास के बारे में भी जानते हैं।

वैष्णो देवी मंदिर- वैष्णो देवी का नाम सुनते ही आपके दिमाग में भी जम्मू के कटरा शहर का नाम ही आता होगा। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि कृष्ण नगरी में भी वैष्णो देवी धाम है। हर साल वृंदावन में स्थित इस मंदिर में भक्तों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिलती है। अगर आप भी माता रानी के भक्त हैं, तो इस मंदिर के दर्शन करने के बाद आपको काफी अच्छा महसूस होगा।

इतिहास के बारे में जानें- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2003 में वृंदावन में माता वैष्णो देवी मंदिर बनाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदी गई थी। साल 2010 में वृंदावन में माता वैष्णो देवी मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। मंदिर में स्थापित मां वैष्णो देवी की प्रतिमा को भक्त देखते ही रह जाते हैं। साड़ी, गहने और हथियार माता के रूप में चार चांद लगाने का काम करते हैं। शेर पर बैठी हुई माता के बराबर में हनुमान जी की प्रतिमा भी मौजूद है। आपको बता दें कि ये मूर्तियां मंदिर की छत पर मौजूद हैं।

दर्शन करने जरूर जाएं- अगर आप भी जम्मू के कटरा में जाने का प्लान नहीं बना पा रहे हैं, तो वृंदावन में स्थित वैष्णो देवी धाम के दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां पर आने वाले भक्तों के रुकने के लिए दो धर्मशालाएं भी मौजूद हैं। आप जब भी वृंदावन जाने का प्लान बनाएं, तो आपको अपनी ट्रैवलिंग लिस्ट में इस मंदिर का नाम जरूर शामिल करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हम एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं दे सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button