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IIT रुड़की से पढ़ा ‘बंद दरवाजा’ का खूंखार शैतान, दुर्लभ बीमारी ने बिगाड़ी सूरत

फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कलाकारों की कमी नहीं है, जिन्होंने अपने अच्छे-खासे करियर को छोड़कर एक्टिंग का रुख किया है। लेकिन, क्या आप उस एक्टर के बारे में जानते हैं, जिसने आईआईटी रुड़की से पढ़ाई की और उसके बाद फिल्मों का रुख कर लिया और हॉरर फिल्मों में राक्षस के रोल निभाए।

Bollywood News: सोनू सूद, कृति सेनन, आर माधवन सहित फिल्मी दुनिया में ऐसे कई स्टार हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग करने के बाद एक्टिंग की दुनिया में पैर रखे और हिट भी रहे। आज के समय में ये सभी कलाकार फिल्मी दुनिया का जाना-माना नाम बन चुके हैं और दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं। लेकिन, क्या आप उस अभिनेता के बारे में जानते हैं जिसने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की और फिर अच्छे-खासे पैकेज को ठुकराकर अभिनय का रुख कर लिया, मगर ज्यादातर राक्षस और विलेन के रोल ही निभाए। इस एक्टर ने आमिर खान की महाफ्लॉप फिल्म  ‘मेला’ में भी काम किया था। ये एक्टर हैं अनिरुद्ध अग्रवाल, जिनके चेहरे की अजीब बनावट और लंबाई ने इन्हें हिंदी फिल्मों का ‘राक्षस’ बना दिया। चलिए जानते हैं अनिरुद्ध अग्रवाल के बारे में।

कौन हैं अनिरुद्ध अग्रवाल?

अनिरुद्ध अग्रवाल आज के समय में फिल्मी पर्दे से दूर हैं, लेकिन एक समय था जब वह फिल्मी दुनिया का जाना-माना नाम हुआ करते थे और जब भी हॉरर फिल्मों की बात आती तो वह मेकर्स की पहली पसंद होते थे। अनिरुद्ध अग्रवाल ने रामसे ब्रदर्स की फिल्म ‘पुराना मंदिर’ से अपना करियर शुरू किया था। 1984 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने एक राक्षस की भूमिका निभाई थी। अनिरुद्ध अग्रवाल की कद-काठी और चेहरे की बनावट ऐसी थी कि उन्हें राक्षस बनाने में ज्यादा मेकअप लगाने की जरूरत नहीं पड़ती थी, जिसकी वजह एक रेयर बीमारी थी।

रेयर बीमारी ने बिगाड़ा चेहरा

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एक इंटरव्यू के दौरान अनिरुद्ध अग्रवाल ने बताया था कि कैसे एक समय पर वह सबके लिए एक डरावना चेहरा बन गए थे। 1949 में देहरादून में जन्मे अनिरुद्ध शुरू से ही पढ़ाई में अच्छे थे। अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की राह चुनी और देश के सबसे प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट्स में से एक आईआईटी रुड़की से पढ़ाई की। इसके बाद वह मुंबई आ गए और फिर एक्टिंग का अपना सपना पूरा करने में जुट गए। लेकिन, तभी उन्हें एक दुर्लभ बीमारी हो गई, जिसके चलते उनका चेहरा बिगड़ गया और लंबाई भी असाधारण रूप से बढ़ने लगी। ये सब उनकी पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर के चलते हुआ, जिसके कारण उनके चेहरे की बनावट भी बिगड़ गई।

शैतान के किरदार के लिए नहीं करते थे मेकअप

अनिरुद्ध अग्रवाल ने 2017 में बीबीसी से बातचीत के दौरान बताया था कि रामसे ब्रदर्स की फिल्म ‘पुराना मंदिर’ में शैतान के किरदार के लिए उन्हें किसी तरह के मेकअप की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्हें देखकर रामसे ब्रदर्स ने तुरंत उन्हें चुन लिया था और कहा था कि बिना मेकअप के भी उनका चेहरा काफी अलग है। अगर वो रास्ते से जा रहे होंगे तो लोग उन्हें मुड़कर जरूर देखेंगे। बता दें, अनिरुद्ध अग्रवाल ने पुराना मंदिर के अलावा ‘त्रिमूर्ती’, ‘बंद दरवाजा’, ‘गुब्बारे’ और आमिर खान की ‘मेला’ और अक्षय कुमार की ‘तलाशः द हंट बिगिंस’ में भी काम किया था।

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