उत्तराखंड में हो रही भारी वर्षा को जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने जताई चिंता
जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि बरसात के दौरान पहाड़ों की यात्रा ना करें। बरसात के समय पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अनुरोध करते हुए कहा कि भारी बारिश के दौरान अपने वाहनों को बेहद सावधानी पूर्वक चलाएं।

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों लगातार हो रही भारी वर्षा को लेकर प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने अपनी चिंता व्यक्त की है।
डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में हो रही भारी वर्षा की वजह से जनपद देहरादून से होकर बहने वाली नदियों एवं नहरों का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार हो रही भारी बरसात की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं इन नदियों के किनारे पर बसे लोगों के जीवन को भी खतरा हो गया है।
जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि उनके वार्ड के निकट से होकर बहने वाली बिंदाल नदी का जलस्तर इन दिनों काफी बढ़ा हुआ है। वार्ड का काफी क्षेत्र बिंदाल नदी के निकट बसा है। बरसात के दिनों में इस इलाके में अक्सर बाढ़ आ जाती है और जगह-जगह भू-कटाव हो जाता है। साथ ही नदी किनारे बसे लोगों के घरों के भीतर भी बारिश का पानी घुस जाता है, जिससे लोगों की जानमाल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान नदी किनारे बने पुश्ते भी अक्सर बाढ़ में टूटकर बह जाते हैं। जिससे क्षेत्रवासियों को भू-कटाव की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस बार भी बरसात में ठीक वैसी ही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने नदी किनारे बसे सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि बारिश के दौरान बेहद सतर्क रहें और सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति होने को लेकर जागरूक बनें एवँ मदद के लिए संपर्क करें।
जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि बरसात के दौरान पहाड़ों की यात्रा ना करें, सुरक्षित स्थानों पर ठहर जाएं। बरसात के समय पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अनुरोध करते हुए कहा कि भारी बारिश के दौरान अपने वाहनों को बेहद सावधानी पूर्वक चलाएं एवं साथ ही नदी, नालों एवं काजवों में तेज बहाव के दौरान वाहन का प्रवेश करने से बचें। ध्यान रहे सावधानी बरतने से ही हादसों से बचा जा सकता है।




