यहाँ लुंगी पहनकर चलाया वाहन तो भुगतान होगा 2000 रुपये का चालान

यहाँ लुंगी पहनकर चलाया वाहन तो भुगतान होगा 2000 रुपये का चालान

लखनऊ। पूरे देश में इन दिनों नए यातायात नियमों को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। वहीं रोजाना नए-नए रूल्स सुनने को मिल रहे हैं। अब यदि अपने देश की ही बात करें तो पूरे भारत में ट्रक ड्राइवरों की पसंदीदा पोशाक लुंगी है। लुंगी लगाकर ट्रक चलाने में वह आराम महसूस करते हैं, लेकिन अब इस लुंगी के चक्कर में उन्हें भारी जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश में लुंगी लगाकर ट्रक चलाने वाले ड्राइवरों का भी चालान काटा जा रहा है। उन्हें ऐसा करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना अदा करना पड़ेगा।

राज्य के सभी वाणिज्यिक वाहनों के चालकों और सहायकों को लुंगी और बनियान पहनकर गाड़ियां चलाते हुए पकड़ा गया तो उन्हें 2,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के नए प्रावधानों के तहत ड्राइवरों को ड्रेस कोड का पालन करना होता है, लेकिन अभी तक इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा सका। अब इस पर सख्ती की गई है।

चालकों को फुल-लेंथ पैंट और शर्ट या फिर टीशर्ट पहनकर ही गाड़ी चलाना होगा। इसके अलावा वह चप्पल, सैंडल पहनकर या फिर नंगे पैर गाड़ी नहीं चला सकेंगे। उन्हें जूते पहनना जरूरी होगा। नए प्रावधानों के तहत यह नियम सभी स्कूल वाहनों के चालकों के लिए भी लागू होगा। स्कूल वाहन चालकों को वर्दी पहनना जरूरी है।

लखनऊ के एएसपी (ट्रैफिक) पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि ड्रेस कोड 1939 से एमवी अधिनियम का हिस्सा था और जब 1989 में अधिनियम में संशोधन किया गया था, उसी के उल्लंघन के लिए 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने बताया कि अब एमवी ऐक्ट, 2019 की धारा 179 के तहत ड्रेस कोड के उल्लंघन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। एएसपी ने बताया कि स्कूल वाहन चालकों पर भी नियम और जुर्माना लागू है।

उत्तर प्रदेश के अडिश्नल ट्रांसपॉर्ट कमिश्नर गंगाफल ने बताया कि केंद्रीय एमवी अधिनियम ने राज्यों को कुछ यातायात सुरक्षा नियमों को बनाने और इन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया है। कानून के तहत, लुंगी और बनियान पहनने वाले ट्रकों, ट्रैक्टरों और अन्य ऐसे भारी और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की अनुमति नहीं है।

ड्राइवरों को फुल पैंट, शर्ट और बंद जूते पहनना चाहिए। यह नियम सहायकों या कंडक्टरों पर भी लागू होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी वाहन चालकों को ड्रेस कोड का उल्लंघन करने पर बख्शा नहीं जाएगा।

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