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बंद खदान में कूद गया युवक, उसके बाद जो हुआ जानकर रह जाएंगे हैरान

झारखंड के बोकारो जिले में एक 25 साल के युवक ने मंदिर में पूजा के बाद बंद खदान में छलांग लगा दी। प्रशासन ने चार घंटे के रेस्क्यू के बाद शव को खदान से बाहर निकाला। हालांकि, अस्पताल में युवक को मृत घोषित कर दिया गया।

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बोकारो के पिंड्राजोरा स्थित 15 वर्षों से बंद पड़ी खदान में बुधवार को एक युवक की डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और बीए फाइनल ईयर का छात्र था। हैरानी की बात ये भी है कि मौत को गले लगाने से पहले युवक ने मां काली की पूजा की थी। पुलिस और ग्रामीणों के चार घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद झगड़ के सहारे शव को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

सुबह शिव मंदिर में पूजा कर घर से निकला था 

मृतक की पहचान पिंड्राजोरा गांव निवासी 25 वर्षीय अंकित कुमार, पिता असीत कुमार के रूप में हुई है। बुधवार सुबह अंकित स्नान के बाद शिव मंदिर में पूजा कर घर लौटा था।  सुबह नौ बजे वह स्कूटी लेकर खदान की ओर गया। खदान के समीप स्थित काली मंदिर में पूजा-अर्चना और ग्राम देवता डुंगरी स्थान का दर्शन करने के बाद वह खदान में ट्यूब के सहारे तैर रहे बच्चों को देख रहा था।

‘जय मां काली’ का जयकारा लगाकर कूदा खदान में  

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब दस मिनट बाद अंकित ने ‘मां काली का जयकारा’ लगाया और अचानक खदान में छलांग लगा दी। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर तैर रहे बच्चों ने शोर मचाया।  ग्रामीण युवकों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन और सैकड़ों ग्रामीण खदान पहुंच गए। शुरुआती कोशिश में युवक को नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ग्रामीणों ने चार-पांच झगड़ खदान में डालकर खोजबीन शुरू की। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अंततः शव निकालने में सफलता मिली।

खदान में पहले भी हादसे हो चुके

पुलिस ने शव का पंचनामा करने के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजनों के अनुसार, अंकित बीए फाइनल ईयर का छात्र था और पूजा-पाठ पर अधिक विश्वास रखता था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त था और उसका इलाज चल रहा था। इस कदम से माता-पिता और अन्य स्वजन बेहद परेशान हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार,  15 वर्षों से बंद इस खदान में पहले भी हादसे हो चुके हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद खदानों के पास न जाएं।

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