Breaking NewsUttarakhand

भारी वर्षा के बाद हर्षिल घाटी में बढ़ा खीर गंगा नदी का जलस्तर

मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी ने नारदानों में फंसे मलबे और पत्थरों को हटाकर उसके लिए बनाए गए मार्ग के लिए नारदानों के बीच से जलप्रवाह को मोड़ा।

उत्तरकाशी। उत्तराखंड की हर्षिल घाटी में शनिवार शाम को तेज बारिश के कारण आपदा प्रभावित धराली के बीच बहने वाली खीरगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी के साथ बहकर आए मलबे और पत्थर गंगोत्री हाईवे पर बने नारदानों में फंसने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने का खतरा बन गया था।

मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी ने नारदानों में फंसे मलबे और पत्थरों को हटाकर उसके लिए बनाए गए मार्ग के लिए नारदानों के बीच से जलप्रवाह को मोड़ा गया। हालांकि कुछ देर बाद जलस्तर हल्का सामान्य होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

गत वर्ष अगस्त माह में खीरगंगा में आई आपदा ने हर्षिल घाटी के धराली गांव में तबाही मचाई थी। उस आपदा में कई भवन होटल, गंगोत्री हाईवे जमींदोज हो गए थे। स्थानीय लोग आज भी उस आपदा के जख्मो से उभर नहीं पाए हैं।

Advertisements
Ad 29

इस वर्ष मानसून सीजन शुरू होने के बाद शनिवार को खीरगंगा का जलस्तर भी उफान पर देखने को मिला। इस कारण कुछ देर के लिए धराली में भय का माहौल बन गया था। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई थी। लेकिन इस वर्ष हर्षिल की तेलगाड़ नदी के बाद खीरगंगा के जलस्तर बढ़ने के कारण गत वर्ष की आपदा की तरह भय बना हुआ है।

दूसरी ओर इन नदियों का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल को भी खतरा बना हुआ है। क्योंकि यह नदियां भागीरथी गंगा नदी में मिलती हैं और इनके कारण भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल को खतरा बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button