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चेक बाउंस विवाद के बीच छलका राजपाल यादव का दर्द, बयां की दिल की बात

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस विवाद के बीच कहा कि उनकी अस्थाई आर्थिक या कानूनी मुश्किलें उनके दशकों लंबे अभिनय करियर और कला के प्रति उनके समर्पण को कभी कम नहीं कर सकती हैं।

Bollywood News: हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर और कानूनी परेशानियों पर खुलकर अपनी बात रखी है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनकी अस्थायी आर्थिक या कानूनी समस्याएं उनके दशकों लंबे अभिनय करियर और कला के प्रति समर्पण को कम नहीं कर सकती हैं। खुद को भारतीय सिनेमा का छात्र और इस दुनिया का एक जिम्मेदार अभिनेता बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार की पूरी पहचान को उसके आर्थिक संकट के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

‘मैं बचपन से कला के नाम पर बिका हुआ हूं’

अपनी आर्थिक देनदारियों और चेक बाउंस केस का जिक्र करते हुए राजपाल यादव ने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने करियर के प्रति पूरी तरह समर्पित हूं। मैं भारतीय सिनेमा में कला का एक छात्र हूं। अगर पिछले 30-40 सालों में गांव से लेकर यहाँ तक मुझ पर कई लोगों का पैसा बकाया है तो वह उनके घर तक पहुँच जाएगा। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मुझे पता है कि वह कहाँ है। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि जब कोई फंड संकट में होता है तो लोग किसी कलाकार के पूरे बायोडाटा पर दांव कैसे लगा सकते हैं?’ अपनी लोकप्रियता का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘राजपाल यादव चाहे मुसीबत में हो या अच्छाई में वह हर एयरपोर्ट पर सैकड़ों लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाता है। राजपाल इस दुनिया का इतना जिम्मेदार अभिनेता है। मुझे 5 करोड़, 10 करोड़, 100 करोड़ या 250 करोड़ रुपये में कोई नहीं खरीद सकता, क्योंकि मैं बचपन से कला के नाम पर बिका हुआ हूँ। मुझे कोई पैसों से नहीं खरीद सकता, इस बात पर भरोसा रखिए।’

भारत मुनि के शिष्य और रंगमंच के पुजारी

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बातचीत के दौरान राजपाल यादव ने अपने अभिनय की जड़ों और भारतीय नाट्य परंपरा का स्मरण किया। उन्होंने कहा, ‘हम भारत मुनि के शिष्य हैं और उनके नाटकों को सुनते हुए बड़े हुए हैं। मुझे हमेशा एक बात याद रहती है कि जीवन एक यात्रा है, एक मंच है। हम इसमें पैदा होते हैं और धीरे-धीरे बड़े होकर एक किरदार बन जाते हैं। जीवन और मृत्यु के बीच की इस यात्रा में चाहे कोई 75 साल जिए या 100 साल, व्यक्ति खुद का मूल्यांकन कर सकता है कि उसने क्या अच्छा किया और क्या बुरा।’ खुद को थिएटर और फिल्मों का पुजारी बताते हुए राजपाल यादव ने अपने काम के जरिए अपनी यात्रा पेश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह साल 2000 से 2026 तक की अपनी पूरी सिनेमाई यात्रा और योगदान को दर्शकों के सामने जरूर लाएंगे। इसके लिए चाहे उन्हें एक या दो साल का समय ही क्यों न लग जाए, वह कुछ ऐसा जरूर बनाएंगे जिससे लोग देख सकें कि उन्होंने सिनेमा को क्या दिया है। अभिनेता ने जोर देकर कहा कि वह न तो फिल्में बनाकर भटके हैं, न घर बनाकर और न ही अपना करियर बनाकर।

चेक बाउंस विवाद और अदालत का रुख

राजपाल यादव का यह बयान उनके लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों के बीच आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक कंपनी के साथ हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की थी। मामले की कार्यवाही के अनुसार राजपाल यादव ने धन जुटाने के लिए बार-बार समय मांगा था और अदालत को आश्वासन दिया था कि वह बकाया राशि का भुगतान कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए उन्हें कई बार समय दिया और राहत प्रदान की। हालांकि, लंबा समय बीतने के बाद भी जब वादों का पूरी तरह से पालन नहीं हो सका तो उन्हें जेल अधिकारियों के सामने समर्पण करने का निर्देश दिया गया था। बाद में कुछ आंशिक भुगतान किए जाने पर राहत तो मिली, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया। काम की बात करें तो राजपाल यादव को हाल ही में मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में देखा गया था, जिसमें वह अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ नजर आए थे।

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