देश के कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश सहित कुछ राज्यों में भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चक्रवाती तूफान अर्णब के आज रात लैंडफॉल करने की संभावना है।

IMD Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चक्रवाती तूफान अर्णब को लेकर कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर, बंगाल, ओडिशा और दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है और दार्जिलिंग व कलिम्पोंग ज़िलों के लिए भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे शुक्रवार तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र में न जाएं, क्योंकि वहां 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
आज रात लैंडफॉल होने की संभावना
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) तट की ओर बढ़ रहा है, जिससे ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की आशंका है। यह सिस्टम अभी एक गहरा दबाव है और इसके विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट से टकराने की संभावना है।
किन राज्यों में होगी भारी बारिश
चक्रवाती तूफान अर्णब के 23 सितंबर को शाम 5 बजे से 24 सितंबर को सुबह 5 बजे के बीच समुद्री तट को पार करने की उम्मीद है, और इसके 23 सितंबर की आधी रात से पहले ही तट से टकराने (लैंडफॉल) की सबसे ज़्यादा संभावना है। ओडिशा के सबसे ज़्यादा प्रभाव ओडिशा में देखने को मिल सकता है, क्योंकि कई ज़िलों में बहुत भारी से लेकर बेहद भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश भी इस सिस्टम से प्रभावित होगा।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश अलर्ट मोड में
बुधवार को एक गहरे डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) के असर से ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई, जिसके बाद कम से कम 5,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। इस डिप्रेशन का असर तटीय आंध्र प्रदेश पर भी पड़ने की आशंका है और इसके विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच से गुजरने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश सरकार संभावित चक्रवाती तूफ़ान के असर से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और मज़बूत कर रही है।
पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की संभावना
IMD ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग ज़िलों के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों के निचले हिस्सों में जलभराव की भी चेतावनी दी है।




