श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब शुरू हुई गणेश चतुर्थी की तैयारियां

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब शुरू हुई गणेश चतुर्थी की तैयारियां

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब गणेश चतुर्थी को लेकर  तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। गणेश उत्सव को लेकर  बाजारों में रौनक शुरू हो गई है। भक्तगणों ने भी इस पर्व को लेकर कमर कस ली है और अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। आपको बता दें कि सनातन संस्कृति में गणेश चतुर्थी का पर्व बहुत ही खास होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। हर साल भाद्रपद मास में गणेश चतुर्थी मनायी जाती है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग खासतौर पर गणेश भगवान की पूजा करते हैं। महिलाएं इस दिन व्रत रहती हैं।

इस साल गणेश चतुर्थी सितंबर माह में है, जिसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसको लेकर अभी से देशभर समेत उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बाज़ार भी सजने लगे हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 2 सितंबर, सोमवार को मनायी जाएगी। इस खास दिन पर पूजन का शुभ मूहर्त दोपहर 11 बजकर 4 मिनट से 1 बजकर 37 मिनट तक है। पूजा का शुभ मूहर्त करीब दो घंटे 32 मिनट की अवधि का है।

भादो मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को दिन मध्याह्र काल में, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में हुआ था। इसी कारण मध्याह्र काल में ही भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसे बहुत शुभ माना गया है।

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बताते चलें कि इन दिनों देहरादून के कई हिस्सों में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। श्री गणेश प्रतिमाओं की ही बात करें तो इन दिनों बिंदाल, चकराता रोड, धर्मपुर एवं सहारनपुर रोड आदि क्षेत्रों में भगवान गणेश की मूर्तियां को बनाने, सजाने-संवारने एवं बेचने का कार्य चरम पर है।

बिंदाल क्षेत्र में राजस्थान से आए कलाकारों ने सड़क किनारे अलग-अलग गणेश प्रतिमाओं के स्टाल लगाए हुए हैं। इन मूर्तिकारों ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष राजस्थान से आकर देहरादून में मूर्ति बनाने एवं बेचने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे इसमें कई तरह के उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं जिससे गणेश प्रतिमा मजबूत एवं आकर्षक नजर आती है।

उन्होंने कहा कि अभी से गणेश प्रतिमाएं बिकनी प्रारंभ हो चुकी हैं और लोग अलग-अलग हिस्सों से आकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं को खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमाएं ₹500 से लेकर 5000 तक की कीमत में बेची जा रही हैं। साथ ही इन मूर्तिकारों ने उम्मीद जताई की गणेश उत्सव के नजदीक आते-आते इन मूर्तियों की बिक्री में और इजाफा होगा। बहरहाल देशभर में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है और पूरे देश के साथ है उत्तराखंड में भी गणेश उत्सव की धूम अभी से नजर आने लगी है।

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