विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की हुई प्राण प्रतिष्ठा, 5200 किलो है वजन
Haridwar News: यह दुनिया का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग है। कई वर्षों की मेहनत के बाद पुणे के मूल निवासी हीलिंग गुरु रघुनाथगुरुजी (रघुनाथ येमूल गुरुजी) ने इसे निर्मित किया है।

हरिद्वार। दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा आज हरिद्वार के साईं शिव गंगा धाम में हुई। भव्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान 5210 किलोग्राम वजनी पारदेश्वर महादेव शिवलिंग की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्राण प्रतिष्ठा समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, दीदी मां साध्वी ऋतंभरा, राज्यसभा सांसद राघव चड्डा, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
वीओ पंचायती निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि महाराज ने बताया कि शिवलिंग को रघुनाथ देव महाराज ने भेंट किया है यह कार्य सिर्फ हरिद्वार के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। शिवलिंग की पूजा दर्शन करने से निसंदेह लोगों का उपकार होगा। लोगों की सभी इच्छाएं पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि संसार में धन तो बहुत लोगों के पास होता है परंतु कुछ लोग उस धन को धर्म के लिए खर्च करते हैं।
5210 किलोग्राम है वजन
यह पारद ध्यान लिंगम अपने अद्वितीय आकार और 5210 किलोग्राम वजन के कारण इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह शिवलिंग हरिद्वार दिल्ली नेशनल हाईवे पर बहादराबाद टोल प्लाजा के पास बने शिरडी साईं बाबा मंदिर में स्थापित किया गया है। इसे विश्व शांति की भावना से स्थापित किया गया है और इसके निर्माण में 10 साल का समय लगा है।




