डॉ. अमित सहगल को एलपीयू एजु-लीडर्स कॉन्क्लेव 2026 में ‘एलपीयू शिक्षक सम्मान’ से किया गया सम्मानित
इस अवसर पर शिक्षकों, प्राचार्यों एवं शिक्षा विशेषज्ञों ने शिक्षा क्षेत्र की उभरती चुनौतियों, नवाचारों एवं संभावित समाधानों पर अपने विचार साझा किए।

देहरादून, 12 मई 2026: Lovely Professional University द्वारा सहोदया के सहयोग से शुक्रवार, 8 मई को देहरादून में “एजु-लीडर्स कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, नेतृत्व और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन Doon International School, रिवरसाइड परिसर में किया गया, जिसमें शहर एवं आसपास के प्रतिष्ठित विद्यालयों के 100 से अधिक प्राचार्यों, निदेशकों, उप-प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कॉन्क्लेव के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षाविदों को सम्मानित भी किया गया। इसी क्रम में Dr. Amit Sehgal, प्रधानाचार्य, Dehradun Hills Academy को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित ‘एलपीयू शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Manish Tyagi रहे। इस अवसर पर Dr. Dinesh Bartwal, Dr. Jacob P. Ajith Mathews, Piyush Rawat, Dr. Abhinav Kapoor सहित अनेक प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राचार्य, निदेशक एवं वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान Geeta Pandey ने मुख्य अतिथि एवं अन्य शिक्षाविदों के साथ मिलकर ‘एलपीयू शिक्षक सम्मान अनुदान छात्रवृत्ति’ योजना की घोषणा की। इस पहल के अंतर्गत शिक्षकों के बच्चों को Lovely Professional University में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

कॉन्क्लेव में “कक्षा में एआई का उपयोग” विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसे Dr. Lovi Raj Gupta ने संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को तकनीकी एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना आवश्यक है।
इस अवसर पर शिक्षकों, प्राचार्यों एवं शिक्षा विशेषज्ञों ने शिक्षा क्षेत्र की उभरती चुनौतियों, नवाचारों एवं संभावित समाधानों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन शिक्षा में सहयोग, तकनीकी समावेशन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ।




