एससी-एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन ने की मांग, शीघ्र पूर्ण किया जाए अनुसूचित जाति एवं जनजाति का बैकलॉग

एससी-एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन ने की मांग, शीघ्र पूर्ण किया जाए अनुसूचित जाति एवं जनजाति का बैकलॉग

देहरादून। उत्तराखंड एससी-एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन ने आरक्षण नीति को लागू करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का बैकलॉग शीघ्र पूर्ण करने की मांग की। फेडरेशन ने देहरादून में एक अहम बैठक कर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किये।

बैठक में कहा गया कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्याधीन सेवाओं में सीधी भर्ती में आरक्षण नीति को लागू करने के संबंध में पूर्व में कार्मिक विभाग के आदेशों द्वारा जारी रोस्टर जिसमें अनुसूचित जाति का पद निर्धारित किया गया था। इसको परिवर्तित करने का निर्णय किया गया है, जिसका फेडरेशन पुरजोर विरोध करता है।

बैठक में कहा गया कि इससे पूर्व उत्तराखंड राज्य में रोस्टर की व्यवस्था उत्तर प्रदेश की भांति लागू थी किंतु राज्य गठन के बाद से अभी तक उत्तराखंड में अनुसूचित जाति एवं जनजाति का बैकलॉग पूर्ण नहीं किया गया, यह वाकई निराशाजनक है। बैठक में मांग की गई कि नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश दिनांक 9-8- 2019 एवं 2006 के शासनादेश के आधार पर रोस्टर के अनुसार शीघ्र डीपीसी की जाए।

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सीधी भर्ती में आरक्षण रोस्टर बदलने पर उत्तराखंड एससी/एसटी इम्पलाइज फेडरेशन ने प्रदेश व्यापी सामाजिक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। फेडरेशन का कहना है कि आगामी कैबिनेट बैठक में सरकार ने आरक्षण रोस्टर पर पुनर्विचार नहीं किया, तो एससी व एसटी वर्ग के लोग अपने हक के लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष करम राम, कोषाध्यक्ष मदनलाल, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर के साथ ही शिवलाल गौतम, मोहनलाल, राजीव कुमार, बलदेव शाह, कृपाल सिंह, ललित धीमान, विजेंद्र सिंह, प्रेम कुमार, संजय कुमार एवँ भूपेंद्र बरी समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

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