संयुक्त नागरिक संगठन ने चेताया, फुटपाथों पर किये गये अवैध अतिक्रमणों को सख्ती से हटाया जाए
संगठन सचिव नरेश चंद्र कुलाश्री ने कहा है कि शहर के सभी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे बने फुटपाथों पर बड़ी मात्रा में रेहड़ी-पटरी पर सब्जी-फलों या अन्य सामग्री के विक्रेता व्यापारियों के द्वारा अवैध अतिक्रमण किया हुआ है।

देहरादून। संयुक्त नागरिक संगठन ने संत्री मंत्रियों को चेताया, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में दून के नागरिकों को फुटपाथ मुहैया कराए जाए, फुटपाथों पर किये गये अवैध अतिक्रमणों को सख्ती से हटाया जाए।
संगठन द्वारा सचिव आवास, पीडब्लूडी एवं मुख्य सचिव आदि को भेजे गए पत्रों में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सड़क किनारे सीमांकित फुटपाथ पर पैदल चलना आम नागरिकों का मौलिक अधिकार है। 24 अगस्त 2026 को सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि सड़क किनारे सीमांकित सभी फुटपाथों के चिन्हीकरण एवं अतिक्रमण मुक्त की कार्रवाई करे तथा निर्देशों के अनुपालन पर अपना जबाब न्यायालय में दाखिल करें।
5 अक्टूबर 2026 को भी केन्द्र सरकार को कोर्ट ने निर्देश दिए कि वह एक पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में पांच ऐसे शहरों एवं ऐसी केन्द्रीय प्राधिकरण जो पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए जिम्मेदार हो तथा स्पष्ट किया कि ऐसी संस्था के पास इस कार्य को सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए पर्याप्त धन, बुनियादी ढांचा, स्थान, कर्मचारी होने चाहिए।
संगठन सचिव नरेश चंद्र कुलाश्री ने कहा है कि शहर के सभी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे बने फुटपाथों पर बड़ी मात्रा में रेहड़ी-पटरी पर सब्जी-फलों या अन्य सामग्री के विक्रेता व्यापारियों के द्वारा अवैध अतिक्रमण किया हुआ है। फुटपाथों पर अतिक्रमण होने के कारण पैदल चलने वाले सभी लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों को मजबूरी में सड़क पर चलते समय वाहनों के टकराने से दुर्घटना घटित होने का खतरा बना रहता है। इसलिए जनहित में कोर्ट के आदेश के अनुपालन हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।




