16 करोड़ का पुल 16 दिन में दे गया दगा, संयुक्त नागरिक संगठन ने की कार्रवाई की माँग
संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा पीडब्लूडी सचिव पंकज पांडे को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि पुल के दोनों ओर एप्रोच स्लैब का निर्माण नहीं किया गया, जो किसी भी पुल की अनिवार्य तकनीकी आवश्यकता है। नदी के कटाव/Scouring को रोकने हेतु डाउनस्ट्रीम में Scouring Depth तक RCC Cut-off Wall नहीं बनाई गई। जबकि Scouring depth अवश्य निकली होगी

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर मार्ग पर 10 माह पहले टूटे पुल के पुनर्निर्माण के बाद फिर ध्वस्त होने के बुनियादी गंभीर तकनीकी खामियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं रिकवरी कराने की माँग संयुक्त नागरिक संगठन ने पीडब्लूडी सचिव पंकज पांडे से की।
संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा पीडब्लूडी सचिव पंकज पांडे को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि पुल के दोनों ओर एप्रोच स्लैब का निर्माण नहीं किया गया, जो किसी भी पुल की अनिवार्य तकनीकी आवश्यकता है। नदी के कटाव/Scouring को रोकने हेतु डाउनस्ट्रीम में Scouring Depth तक RCC Cut-off Wall नहीं बनाई गई। जबकि Scouring depth अवश्य निकली होगी।
इसके साथ ही एप्रोच रोड की फिलिंग RBM/River Bed Material के स्थान पर मिट्टी से कराए जाने का आरोप लगाते हुए संगठन सचिव सुशील त्यागी ने एप्रोच रोड पर मिट्टी की Proper Layer-wise Compaction नहीं करना भी पुल के क्षतिग्रस्त होने का कारण बताया गया है जिससे जलभराव से मिट्टी के फूल जाने से Wingwall/Ebattment क्षतिग्रस्त हुए।
नदी की धारा को नियंत्रित करने तथा पुल के एवटमेन्ट को स्कावरिंग से बचाने के लिए नदी के प्रवाह को डाईवर्ट करने हेतु स्पर बनाया जाना भी आवश्यक बताया गया है। पत्र के अंत में जनहित में प्रेमनगर पुल की, संपूर्ण, निर्माण फाइल-DPR, एस्टीमेट, टेंडर, कार्यादेश, गुणवत्ता रिपोर्ट एवं भुगतान विवरण सार्वजनिक डोमेन में डालने की भी मांग की गई है।




