अखिलेश यादव पर मायावती ने बोला बड़ा हमला, कही ये बात
बसपा सुप्रीमो मायावती अपने आधिकारिक X हैंडल पर ट्वीट कर के अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला है। मायावती ने कहा कि मुस्लिम समाज को कड़वी हकीकत का एहसास है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। सभी राजनीतिक दलों ने जमीन पर उतर कर प्रचार-प्रसार भी करना शुरू कर दिया है। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP/बसपा) की प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (SP/सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि अखिलेश यादव को ये बात जनता को बतानी चाहिए कि इनके ’पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है?
मायावती ने क्या कहा?
बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी और इसके प्रमुख और अखिलेश यादव पर कई सवाल दागे हैं। मायावती ने कहा कि मुसलमानों का सपा पर से भरोसा उठ गया है और उन्हें कड़वी हकीकत का एहसास है। मायावती ने 5 प्वाइंट्स में अखिलेश यादव पर निशाना साधा है-:
1. यूपी के आगामी विधानसभा आम चुनाव की तैयारी हेतु समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख का प्रचारित ’पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के ’भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है?
2. वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी (सपा) यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं।
3. क्योंकि बीएसपी यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहाँ कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख़्त जरूरत भी है।
4. इसके साथ ही, सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिये कि अब इनके ’पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है? क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी ’पीडी’ को ’पिछड़ा, दलित’ बताया तो कभी ’पीडी’ को ’पण्डित’ बताया है और कभी अपने आपको ’अम्बेडकरवादी’ दर्शाने के चक्कर में बीएसपी का ’नीला’ रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, किन्तु इसको लोगोें ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया।
5. जबकि इसके विपरीत, बीएसपी सर्वसमाज हेतु ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है। इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है।
यूपी में कब है चुनाव?
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का आयोजन साल 2027 के शुरुआती महीने में होना है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव फरवरी से मार्च महीने के बीच आयोजित कराए जा सकते हैं। हाल ही में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वह चुनाव में गठबंधन पर 2 अक्टूबर तक फैसला ले लेंगे।




