देहरादून के ऐतिहासिक श्री झंडे जी का आरोहण, देशभर से जुटी संगत
हर साल की तरह इस साल भी लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। शाम करीब चार बजे झंडे जी का आरोहण होगा।

देहरादून। आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ आज दून के ऐतिहासिक श्री झंडे जी का आरोहण होगा। इसके लिए जुटी संगत से दून की रंगत भी बढ़ी हुई है। चारों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल है। दून नगरी भी भक्ति के रंग में सराबोर है।
श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति का अनुमान है कि श्री झंडे जी के आरोहण से पहले शनिवार को श्री दरबार साहिब में दिनभर तैयारी चलती रही। मेले की पूर्व संध्या पर श्री दरबार साहिब के श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को गुरु मंत्र दिया। संगत ने गुरु मंत्र को आत्मसात कर श्री झंडा साहिब और श्री गुरु राम राय जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणें सभी को समान रूप से प्रकाश और ऊष्मा देती हैं उसी प्रकार आध्यात्मिक गुरु भी अपनी कृपा और करुणा सभी पर समान रूप से बरसाते हैं।
गुरु वह हैं जो हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। साथ ही शनिवार को पूरब की संगत की विदाई हुई। मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार शनिवार शाम को पूरब की संगत को पगड़ी, ताबीज और प्रसाद वितरित कर विदाई दी गई। ढोल की थाप पर गुरु भजन गाते हुए संगतों ने भक्ति और उल्लास के साथ नृत्य किया।
सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म सन 1646 ई. में पंजाब के जिला होशियारपुर स्थित कीरतपुर में हुआ था। इसके बाद उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया। यहां श्री दरबार साहिब में लोक-कल्याण के संदेश के साथ एक विशाल ध्वजदंड स्थापित कर श्रद्धालुओं को ध्वज के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रेरणा दी। परंपरा के अनुसार, हर साल होली के पांचवें दिन यानी पंचमी तिथि को श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है और ऐतिहासिक श्री झंडा मेला आयोजित किया जाता है।




